100 युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण, सीएमपीडीआई और जेजीएमटीआरटीसी के बीच हुआ एमओए

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100 युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण, सीएमपीडीआई और जेजीएमटीआरटीसी के बीच हुआ एमओए

टूल एंड डाई मेकर तथा सोलर पैनल इंस्टालेशन-मेंटेनेंस में मिलेगा आवासीय प्रशिक्षण, झारखंड के पांच जिलों के युवाओं को मिलेगा लाभ

रांची, 10 सितंबर। झारखंड के वंचित, बेरोजगार एवं अर्द्धरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में सीएमपीडीआई ने महत्वपूर्ण पहल की है। सीएमपीडीआई, रांची ने झारखंड गवर्नमेंट मिनी टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (जेजीएमटीआरटीसी) के साथ 100 युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में झारखंड के रांची, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद और लातेहार जिलों के कुल 100 युवाओं को ‘टूल एंड डाई मेकर’ तथा ‘सोलर पैनल इंस्टालेशन एवं मेंटेनेंस’ ट्रेड में जूनियर टेक्नीशियन के रूप में आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सीएमपीडीआई और जेजीएमटीआरटीसी ने किया समझौता

सीएमपीडीआई मुख्यालय, रांची में आयोजित कार्यक्रम में इस एमओए पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए। सीएमपीडीआई की ओर से महाप्रबंधक (एचआर/सीएसआर) संजय कडम्बार तथा जेजीएमटीआरटीसी के प्राचार्य महेश कुमार गुप्ता ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऐसे युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, जिनके सामने रोजगार और आजीविका के सीमित अवसर हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को उद्योग की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक एवं तकनीकी दक्षता प्रदान की जाएगी, जिससे उनके रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

पांच जिलों के युवाओं को मिलेगा लाभ

सीएमपीडीआई और जेजीएमटीआरटीसी के बीच हुए समझौते का लाभ झारखंड के पांच जिलों के युवाओं को मिलेगा। रांची, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद और लातेहार के चयनित कुल 100 युवाओं को दोनों निर्धारित ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

टूल एंड डाई मेकर क्षेत्र में प्रशिक्षण युवाओं को औद्योगिक उपकरण एवं डाई निर्माण से संबंधित तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद करेगा। वहीं सोलर पैनल इंस्टालेशन एवं मेंटेनेंस का प्रशिक्षण उन्हें तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगा।

वंचित वर्गों को प्राथमिकता

यह कौशल विकास कार्यक्रम सीएमपीडीआई की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल का हिस्सा है। इसके तहत विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजनों तथा आर्थिक रूप से कमजोर महिला अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें दीर्घकालिक आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।

आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम

सीएमपीडीआई की इस पहल से युवाओं में कौशल विकास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तलाश सकेंगे और अपनी आय के स्थायी साधन विकसित कर सकेंगे।

विशेष रूप से सोलर पैनल इंस्टालेशन एवं मेंटेनेंस जैसे क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग के साथ रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। वहीं टूल एंड डाई मेकर ट्रेड औद्योगिक क्षेत्र की तकनीकी जरूरतों से जुड़ा हुआ है।

सीएसआर के माध्यम से समावेशी विकास पर जोर

सीएमपीडीआई ने इस पहल के माध्यम से अपने सीएसआर कार्यक्रमों के तहत समावेशी विकास, कौशल संवर्धन और सतत आजीविका को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दोहराया है। कंपनी का प्रयास है कि समाज के ऐसे वर्गों तक विकास के अवसर पहुंचाए जाएं, जिन्हें रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम अवसर मिल पाते हैं।

यह समझौता युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने के साथ उन्हें बदलते औद्योगिक एवं रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीएमपीडीआई और जेजीएमटीआरटीसी के इस संयुक्त प्रयास से चयनित 100 युवाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल उनके रोजगार पाने की संभावनाएं मजबूत होंगी, बल्कि वे सतत आजीविका, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे।

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