केल्हारी में लगा इलाज का बड़ा मंच, एक ही दिन में 795 मरीजों की जांच
दूरदराज के ग्रामीणों को गांव में ही मिले विशेषज्ञ डॉक्टर, जांच से लेकर दवा तक की रही नि:शुल्क व्यवस्था
केल्हारी/एमसीबी। आमतौर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श के लिये जिला मुख्यालय या बड़े अस्पतालों का रुख करने वाले ग्रामीणों को यह सुविधा उनके क्षेत्र में ही मिल गई। ‘सशक्त एमसीबी सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी में आयोजित वृहद स्वास्थ्य शिविर में सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुटी रही। दिनभर चले शिविर में 795 लोगों की जांच कर उन्हें उपचार और चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
शिविर में केवल सामान्य स्वास्थ्य जांच तक सेवाएं सीमित नहीं रहीं बल्कि अलग अलग बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को परामर्श दिया। मनेन्द्रगढ़ और जनकपुर से पहुंचे मेडिसिन, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, चर्म, अस्थि, ईएनटी, नेत्र और दंत रोग विशेषज्ञों ने मरीजों की जांच की।
जांच की सुविधा भी एक ही जगह
शिविर में मरीजों के लिये पंजीयन और दवा वितरण के साथ डिजिटल एक्स-रे, अत्याधुनिक लैब जांच, टीबी स्क्रीनिंग, एनसीडी जांच, आयुष्मान कार्ड, आभा कार्ड और ओआरएस काउंटर की व्यवस्था की गई थी। इससे ग्रामीणों को अलग अलग स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये भटकना नहीं पड़ा।
ग्रामीणों ने कहा- गांव के करीब मिली बड़ी सुविधा
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को उपयोगी बताते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में इस तरह के शिविर होने से समय और आने जाने की परेशानी कम होती है। लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के पहल की सराहना की।
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की रही सक्रिय भूमिका
शिविर में डॉ. राकेश कुमार सिंह, डॉ. सौभाग्य शरण सिंह, डॉ. अभया गुप्ता, डॉ. राहुल मेहता, डॉ. इंतजार ओरके, डॉ. आलेख सिदार, डॉ. भाषिता साहू, आरडी दीवान, डॉ. देवप्रताप और फिजियोथेरेपिस्ट विक्की अल्फ टोप्पो सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। शिविर प्रभारी डॉ. महेश सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने व्यवस्थाओं को संभाला। जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल, सहायक नोडल अधिकारी सुलेमान खान, डॉ. मंसूर आलम, बीईटीओ प्रमेन्द्र सिंह, संजीत सिंह, काशी प्रसाद, सुपरवाइजर आरके तिवारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने शिविर के संचालन में योगदान दिया
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को जिला मुख्यालय से आगे बढ़ाकर गांव और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना है ताकि जरूरतमंद लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें



































































