15 किलोमीटर पैदल चलकर सीतामढ़ी पहुंचे कांवड़िए, श्रीराम वन गमन पथ के शिवलिंग का किया जलाभिषेक

---Advertisement---

15 किलोमीटर पैदल चलकर सीतामढ़ी पहुंचे कांवड़िए, श्रीराम वन गमन पथ के शिवलिंग का किया जलाभिषेक

ग्राम कुबरा से निकली ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा क्षेत्र

सनातन एकता यात्रा के माध्यम से श्रीराम वन गमन पथ के विकास का संकल्प—जेपी साहू की रही प्रमुख भूमिका

कुबरा/गंधिया। सावन के पावन अवसर पर सनातन आस्था और धार्मिक एकता का अद्भुत दृश्य उस समय देखने को मिला, जब ग्राम कुबरा से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रा निकालकर श्रीराम वन गमन पथ स्थित सीतामढ़ी गंधिया पहुंचकर भगवान शिव का पवित्र जल से अभिषेक किया। सनातन एकता यात्रा राम वन गमन पथ मित्र मंडल के सौजन्य से आयोजित इस यात्रा में क्षेत्रभर के शिवभक्त उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल हुए।

यात्रा की शुरुआत ग्राम कुबरा स्थित दुर्गा मंदिर से हुई। दोपहर करीब 1 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी-अपनी आकर्षक कांवड़ सजाकर मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। इसके बाद सभी कांवड़िए लगभग 15 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए लंफरदहा नदी पहुंचे, जहां से पवित्र जल कांवड़ में भरकर सीतामढ़ी गंधिया के लिए रवाना हुए।

भजनों पर थिरके श्रद्धालु, जगह-जगह हुआ स्वागत

कांवड़ यात्रा ग्राम कुबरा से निकलकर रमसोहरा, झारा, दरौड़ी, अमझोर और गंधिया सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए सीतामढ़ी पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भगवान शिव के भजनों पर नाचते-गाते हुए आगे बढ़ते रहे।

यात्रा में युवाओं के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था ने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा का स्वरूप प्रदान किया।

श्रीराम द्वारा निर्मित शिवलिंग का प्रथम बार अभिषेक

कांवड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण श्रीराम वन गमन पथ, सीतामढ़ी गंधिया में स्थापित भगवान शिव के शिवलिंग का पवित्र जल से अभिषेक रहा। मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़े इस पावन क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने लंफरदहा नदी से लाए गए जल से शिवलिंग का अभिषेक किया।

आयोजकों एवं श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की। इस अवसर पर धार्मिक वातावरण के बीच विधि-विधान से पूजन-अर्चन भी किया गया।

जेपी साहू ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन को सफल बनाने में जेपी साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व एवं सक्रिय सहभागिता से क्षेत्र के लोगों को एकजुट कर कांवड़ यात्रा को व्यापक स्वरूप दिया गया। श्री साहू ने कहा कि श्रीराम वन गमन पथ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसके विकास और संरक्षण के लिए प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों का जिस प्रकार यात्रा में सहयोग और सहभागिता मिली, वह सनातन एकता और सामाजिक समरसता की मिसाल है। आने वाले समय में भी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से श्रीराम वन गमन पथ के विकास की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।

क्षेत्रवासियों का मिला भरपूर सहयोग

आयोजन को सफल बनाने में ग्राम कुबरा सहित रमसोहरा, झारा, दरौड़ी, अमझोर, गंधिया एवं आसपास के ग्रामीणों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत और आवश्यक व्यवस्थाओं में स्थानीय लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता वाली इस कांवड़ यात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह के साथ-साथ सनातन एकता, सामाजिक समरसता और श्रीराम वन गमन पथ के विकास के प्रति जनजागरूकता का संदेश भी दिया। आयोजकों ने सभी सहयोगियों और क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment