कब सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था, शराबी शिक्षक के भरोसे कैसे शिक्षित होंगे नौनिहाल
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार – बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में विरोध के स्वर उभर कर सामने आ रहे हैं , लेकिन सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती आ रही है जबकि धरातल पर आज भी ग्रामीण अंचलों के बदहाल स्कूलों में बच्चे पढ़ने को मजबूर है
मध्य प्रदेश में जनता ने पिछले 22 -23 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भरोसा कर उसे सरताज बना रखा है लेकिन इन वर्षों में शिक्षा स्वास्थ्य को लेकर कोई बहुत बड़ा फर्क देखने को नहीं मिला है आज भी आदिवासी ग्रामीण अंचलों में बदहाल स्कूलों में बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं ऐसा ही एक मामला धरमपुरी तहसील के ग्राम तिति पुरा स्थित शासकीय स्कूल में देखने को मिला जहां शिक्षक शराब पीकर स्कूल में बच्चों को शिक्षा दे रहा है यही नहीं इस स्कूल में बच्चों के लिए पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं है यहां तक की स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए इस स्कूल के बच्चों को ड्रेस तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है
बदहाल इस स्कूल को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में पदस्थ अध्यापक अनिल बामनिया शराब का सेवन कर स्कूल पहुंचते हैं और कथित तौर पर नशे की हालत में बच्चों को पढ़ाते हैं
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक के इस व्यवहार का बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है , यहां तक की इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफॉर्म तक उपलब्ध नहीं कराई गई है जबकि स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को यूनिफॉर्म में स्कूल आना आवश्यक हो जाता है
ग्रामीण और अभिभावकों ने संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच करवारकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग ग्रामीणों के द्वारा लगाए गए आरोपी की जांच कर क्या कार्रवाई करता है
































































