हाथियों के आतंक से दहशत में अनूपपुर के ग्रामीण, विधायक विसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री से की ठोस कार्रवाई की मांग

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हाथियों के आतंक से दहशत में अनूपपुर के ग्रामीण, विधायक विसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री से की ठोस कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़ से आने वाले हाथियों के मार्ग पर गहरी खाई और ट्रेंच लाइन बनाने का आग्रह, घूम रहे हाथियों को रेस्क्यू कर राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़े जाने की मांग

अनूपपुर। जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा से लगातार प्रवेश कर रहे हाथियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती जनहानि और फसलों के नुकसान को लेकर विधानसभा क्षेत्र-87 अनूपपुर के विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री विसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग की है। विधायक ने मुख्यमंत्री से हाथियों के आवागमन को रोकने के लिए सीमा क्षेत्र में गहरी खाई एवं ट्रेंच लाइन बनाए जाने तथा वर्तमान में जिले में विचरण कर रहे हाथियों को रेस्क्यू कर अन्य प्रांतों के राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़े जाने का आग्रह किया है।

विधायक विसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि जिला अनूपपुर के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर के कुछ हिस्से तथा कोतमा एवं पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कुछ अंश छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से लगे हुए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के वनमंडल एवं वनपरिक्षेत्र मरवाही के सिवनी बीट अंतर्गत मलागढ़ी के जंगल से हाथियों का झुंड नाला पार कर ग्राम पंचायत एवं वनबीट चोलना होते हुए विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर में प्रवेश करता है।

हाथियों के इस आवागमन से क्षेत्र के ग्रामीण लगातार परेशान हैं। हाथी ग्रामीणों की फसलों, घरों तथा बाड़ियों में लगी सब्जियों को अपना आहार बनाते हुए भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही सामने आने वाले ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें कुचल देते हैं, जिससे कई लोगों की जान भी जा चुकी है। विधायक ने पत्र में कहा है कि हाथियों के आवागमन को रोकना तथा ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यावश्यक है।

15 वर्षों में 17 ग्रामीणों की मौत का उल्लेख

विधायक ने मुख्यमंत्री का ध्यान जिले में हाथियों के हमलों से हुई गंभीर जनहानि की ओर भी आकर्षित किया है। पत्र के अनुसार अप्रैल 2011 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य हाथियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में हमला कर 17 लोगों को जान से मार दिया गया, जबकि अनेक घरों को उजाड़कर उनमें रखे अनाज एवं महुआ को हाथियों ने अपना आहार बनाया है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि हाथियों के हमलों में अब तक मृत 17 लोगों में 12 पुरुष, 4 महिलाएं और 1 बालक शामिल हैं। इसके अलावा कई मवेशियों को भी हाथियों द्वारा पटक-पटक कर मार डाला गया है। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण ग्रामीणों के बीच भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।

गांवों में घुसकर फसलों को कर रहे नष्ट

विधायक ने पत्र में बताया कि 16 अगस्त 2026 को भी तीन हाथियों का झुंड इसी रास्ते से अनूपपुर जिले में पुनः प्रवेश कर गया। हाथियों ने ग्राम पंचायत चोलना, पड़रिया, कुकरोंगौड़ा, धनगवां, चोई, भटगवां टोला, चौधरियान टोला तथा पड़वनिया टोला के किसानों के खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर हाथियों द्वारा फसलों को खाने के साथ-साथ उन्हें पैरों से कुचलकर नष्ट किया जा रहा है।

वर्तमान में हाथियों का झुंड घुसरिया बीट के लेगरा पहाड़ के जंगल में ठहरा हुआ बताया गया है। इससे आसपास के क्षेत्रों में हाथियों के विचरण की आशंका बनी हुई है और ग्रामीणों में लगातार भय एवं चिंता का वातावरण है।

स्थानीय लोग रेस्क्यू कर हाथियों को दूर छोड़ने को मजबूर

पत्र में विधायक ने यह भी उल्लेख किया है कि हाथियों के लगातार आतंक और जनहानि के चलते स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा हाथियों को रेस्क्यू कर दूसरे प्रांतों में छोड़े जाने की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाथियों के आवागमन के स्थायी मार्ग को नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले समय में जनहानि और संपत्ति के नुकसान की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए विधायक विसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के वनमंडल एवं वनपरिक्षेत्र मरवाही के सिवनी बीट अंतर्गत मलागढ़ी के जंगल तथा मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले की सीमा के बीच हाथियों के आवागमन वाले मार्ग पर गहरी खाई (ट्रेंच लाइन) का निर्माण कराया जाए।

उनका मानना है कि इस तरह हाथियों के नियमित आवागमन वाले रास्ते को नियंत्रित किया जा सकेगा और छत्तीसगढ़ की ओर से अनूपपुर जिले में हाथियों के प्रवेश की घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी।

राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़े जाएं हाथी

विधायक ने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया है कि वर्तमान में अनूपपुर जिले में घूम रहे हाथियों को वन विभाग के माध्यम से सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कराया जाए तथा उन्हें अन्य प्रांतों के राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़े जाने की व्यवस्था की जाए।

विधायक ने मुख्यमंत्री से ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई है। उनका कहना है कि सीमा क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था, हाथियों के आवागमन वाले मार्ग पर ट्रेंच लाइन तथा वर्तमान में विचरण कर रहे हाथियों का सुरक्षित रेस्क्यू ही ग्रामीणों को लगातार बनी हुई दहशत से राहत दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो सकता है।

विधायक विसाहूलाल सिंह का मुख्यमंत्री को लिखा यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब अनूपपुर जिले के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की सक्रियता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। अब ग्रामीणों की निगाहें शासन-प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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