आदर्श ग्रुप ऑफ एजुकेशन में राखी बनाने की प्रतियोगिता
विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
मनेन्द्रगढ़। आदर्श ग्रुप ऑफ एजुकेशन आमाखेरवा रोड मनेन्द्रगढ़ में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बुधवार को राखी बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। प्रतियोगिता में वर्ष 2026 बैच के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया
प्रतियोगिता में रीता (डीएमएलटी), कृष्णा कुमारी, कृष्ण कुमार, सृष्टि जायसवाल, तेजस्वी गुप्ता और अंश साहू सहित विद्यार्थियों ने आकर्षक राखियां तैयार कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया वहीं कृतिका, संध्या, सिपाही लाल, शिवम, सुनीता, माही चौधरी, पिंकी, संगीता, प्रियंका, रागिनी और काजल सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
विद्यार्थियों को मिला रचनात्मकता का मंच
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक पर्व से जुड़ने के साथ साथ अपनी कल्पनाशीलता और हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगों, सजावटी सामग्रियों और अपनी कल्पना का उपयोग कर सुंदर और आकर्षक राखियां तैयार कीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान संस्था परिसर में उत्साहपूर्ण और आनंदमय वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के शिक्षक सोहन यादव, मानसी गुप्ता, रिंकी सिंह, डिंकी सोंधिया और मनीषा सिंह का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
संचालकों ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
संस्था के संचालक रमेश कुमार सोनी और सह संचालक श्रीमती संजू सोनी ने प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, उत्साह और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ इस तरह की गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक सोच को मजबूत करती हैं। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिये प्रेरित किया। इस अवसर पर शिक्षक सोहन यादव ने कहा कि राखी बनाने जैसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ टीम भावना, आत्मविश्वास और अपनी कला को प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना की। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संस्था द्वारा शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिये इस प्रकार की गतिविधियों को निरंतर आयोजित करने पर जोर दिया गया।






























































