पसान में स्वीकृत अकरम इंडेन गैस एजेंसी का संचालन कोतमा से क्यों?
उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग..….
अनूपपुर जिले की नगर पालिका परिषद पसान के नाम से स्वीकृत अकरम इंडेन LPG गैस एजेंसी के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पसान क्षेत्र के लिए स्वीकृत गैस एजेंसी का संचालन वर्तमान में अकरम इंडेन गैस एजेंसी, कोतमा से किया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पसान में अकरम गैस एजेंसी का अपना कार्यालय और LPG सिलेंडरों का गोदाम कहां है?
स्थानीय लोगों के अनुसार पसान में न तो अकरम गैस एजेंसी का विधिवत कार्यालय दिखाई देता है और न ही गैस सिलेंडरों के भंडारण के लिए गोदाम की व्यवस्था नजर आती है
इसके बावजूद पसान क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए गैस वितरण की व्यवस्था कोतमा से संचालित होने की बात सामने आ रही है।
इस व्यवस्था के कारण पसान क्षेत्र के आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर प्राप्त करने, बुकिंग एवं वितरण से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र के नाम पर अकरम इंडेन एजेंसी स्वीकृत है, वहां यदि मूलभूत संचालन व्यवस्था ही उपलब्ध नहीं है, तो आखिर एजेंसी किस आधार पर और किन नियमों के तहत संचालित की जा रही है?
पसान की जनता लंबे समय से इन समस्याओं से परेशान है, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने अनूपपुर कलेक्टर महोदय से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाए कि—
•पसान के नाम से स्वीकृतअकरम LPG गैस एजेंसी का वास्तविक संचालन कहां से हो रहा है?
•पसान में अकरम गैस एजेंसी का कार्यालय और सिलेंडर गोदाम निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं?
•अकरम इंडेन गैस एजेंसी द्वारा कोतमा से पसान क्षेत्र का संचालन किस अनुमति एवं नियम के तहत किया जा रहा है?
•पसान के उपभोक्ताओं को गैस वितरण में किसी प्रकार की परेशानी या अनियमितता तो नहीं हो रही है?
•संबंधित एजेंसी के पास LPG भंडारण एवं वितरण के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमतियां और सुरक्षा मानक पूरे हैं या नहीं?
•जनता की मांग है कि प्रशासन मामले की वास्तविकता सामने लाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पसान के नागरिकों का कहना है कि उन्हें किसी विशेष व्यक्ति या संस्था के खिलाफ पूर्वाग्रह नहीं है, लेकिन गैस एजेंसी का संचालन पारदर्शी, नियमानुसार और उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब तक जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखता है
Dr Mohan Yadav









































