अनूपपुर जैसे महत्वपूर्ण जंक्शन से भेदभाव क्यों?
आरक्षण सुविधा में कटौती पर भगवा पार्टी ने रेलवे को घेरा, कन्हैया लाल मिश्रा बोले यात्रियों की सुविधा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
अनूपपुर। अनूपपुर रेलवे जंक्शन पर आरक्षण सुविधा के निर्धारित समय को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भारतीय गणवार्ता अर्थात भगवा पार्टी के जिला अध्यक्ष कन्हैया लाल मिश्रा ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन की कार्यप्रणाली पर तीखी नाराजगी जताते हुए कहा है कि अनूपपुर जैसे महत्वपूर्ण जंक्शन पर आरक्षण सुविधा का समय सीमित रखना यात्रियों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की है कि आरक्षण केंद्र का संचालन समय तत्काल बढ़ाकर पूर्व वत अनुसार किया जाए
कन्हैया लाल मिश्रा ने कहा कि अनूपपुर कोई छोटा या सामान्य रेलवे स्टेशन नहीं है। यह शहडोल संभाग का महत्वपूर्ण रेल जंक्शन है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न शहरों और राज्यों के लिए यात्रा करते हैं। इसके बावजूद यदि यहां आरक्षण सुविधा महज छः घंटे तक सीमित रखी जाती है और छोटे स्टेशनों पर इससे अधिक आठ घंटे समय तक सुविधा उपलब्ध रहती है, तो यह व्यवस्था अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करती है।
छोटे स्टेशनों पर अधिक समय, जंक्शन पर कटौती क्यों?
मिश्रा ने कहा कि रेलवे का मूल उद्देश्य यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में महत्वपूर्ण जंक्शन पर सुविधा बढ़ाने के बजाय आरक्षण का समय कम किया जाना समझ से परे है। नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, मरीजों और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के लिए आरक्षण केंद्र का सीमित समय बड़ी परेशानी पैदा करता है
उन्होंने सवाल उठाया कि जब छोटे स्टेशनों पर आरक्षण सुविधा लंबे समय तक संचालित की जा सकती है, तो अनूपपुर जंक्शन पर समय बढ़ाने में रेलवे प्रशासन को क्या परेशानी है?
पुरानी खबर भी खोल रही रेलवे व्यवस्था की परतें
आरक्षण समय में कटौती को लेकर पूर्व में प्रकाशित समाचार में भी अनूपपुर जंक्शन की समस्या सामने आ चुकी है। उपलब्ध समाचार कटिंग में उल्लेख है कि बिलासपुर डिवीजन द्वारा महत्वपूर्ण स्टेशनों पर आरक्षण समय घटाकर छह घंटे किए जाने तथा छोटे स्टेशनों पर लगातार आठ घंटे तक आरक्षण सुविधा दिए जाने पर सवाल उठे थे। उस समय भी रेलवे से अनूपपुर सहित महत्वपूर्ण स्टेशनों पर आरक्षण समय पूर्ववत करने की मांग की गई थी
यानी मामला केवल आज का नहीं है। आरक्षण सुविधा के समय को लेकर लंबे समय से यात्रियों की परेशानी और स्थानीय स्तर पर विरोध सामने आता रहा है। ऐसे में अब रेलवे प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वर्तमान में अनूपपुर जंक्शन के लिए आरक्षण समय निर्धारित करने का आधार क्या है और यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप इसमें बढ़ोतरी क्यों नहीं की जा रही है
सीनियर डीसीएम के रवैये पर भी उठाए सवाल
कन्हैया लाल मिश्रा ने कहा कि बिलासपुर जोन के संबंधित अधिकारियों, विशेषकर वरिष्ठ वाणिज्यिक अधिकारियों को इस विषय को केवल प्रशासनिक आदेश मानकर नहीं देखना चाहिए, बल्कि यात्रियों की वास्तविक परेशानी को समझना चाहिए। स्थानीय स्तर पर संबंधित सीनियर डीसीएम के कथित अड़ियल रवैये को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, रेलवे प्रशासन को उनका भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि नियमों को जनहित के अनुरूप लागू करना भी है। यदि किसी व्यवस्था के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है तो उसकी समीक्षा करना रेलवे की जिम्मेदारी है
‘रेलवे सुविधा बढ़ाए, अनूपपुर को प्रयोगशाला न बनाए
भगवा पार्टी जिलाध्यक्ष ने कहा कि अनूपपुर जिले की जनता लंबे समय से बेहतर रेल सुविधाओं की मांग करती रही है। ऐसे में आरक्षण केंद्र के समय में कटौती जैसी व्यवस्था यात्रियों की परेशानी को और बढ़ाने वाली है।
उन्होंने रेलवे प्रशासन से मांग की कि
अनूपपुर जंक्शन के आरक्षण केंद्र का संचालन समय तत्काल बढ़ाया जाए
कम से कम 14 घंटे आरक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए
महत्वपूर्ण जंक्शन और छोटे स्टेशनों के आरक्षण समय में भेदभाव की समीक्षा की जाए।
आरक्षण समय निर्धारित करने के आधार और आदेश को सार्वजनिक किया जाए
यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं यात्री संगठनों से सुझाव लिए जाएं।
कन्हैया लाल मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि “अनूपपुर की जनता रेल सुविधाओं के मामले में किसी प्रकार का सौतेला व्यवहार स्वीकार नहीं करेगी। रेलवे प्रशासन को यह समझना होगा कि आरक्षण सुविधा कोई एहसान नहीं, बल्कि यात्रियों की आवश्यक सेवा है। महत्वपूर्ण जंक्शन पर सुविधा सीमित करने के बजाय इसे और बेहतर किया जाना चाहिए
उन्होंने कहा कि यदि रेलवे प्रशासन शीघ्र इस दिशा में सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो यात्रियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाया जाएगा इनका कहना है आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है इसे मैं दिखवाता हूं। राकेश रंजन, डीआरएम रेलवे बिलासपुर




































