80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीसीसीएल द्वारा भव्य ध्वजारोहण समारोह का आयोजन, सीएमडी ने फहराया तिरंगा

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  • कोयला भवन एवं सिजुआ स्टेडियम में आयोजित हुए कार्यक्रम। बीसीसीएल शीर्ष प्रबंधन सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी कार्यक्रम में हुए शामिल।

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) द्वारा कोयला नगर एवं  सिजुआ स्टेडियम, सिजुआ में भव्य ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य समारोह सिजुआ स्टेडियम में आयोजित हुआ, जहाँ सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रध्वज फहराया तथा तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर बीसीसीएल निदेशकगण, दीक्षा महिला मंडल, वरिष्ठ अधिकारी, बीसीसीएल वेलफेयर, सेफ्टी एवं सीसीसी बोर्ड के सदस्य, क्षेत्रीय महिला समितियों और महिला कल्याण समिति की सम्मानित सदस्याएँ, विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधिगण, सीआईएसएफ के अधिकारी एवं जवान, बीसीसीएल सुरक्षा कर्मी, विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रों के अधिकारी-कर्मी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रतिभागी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं दर्शक उपस्थित रहे।

समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रध्वज फहराने के साथ हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने सीआईएसएफ, बीसीसीएल सुरक्षा प्रहरियों तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शानदार परेड एवं मार्च-पास्ट का निरीक्षण किया और सलामी ली।

अपने संबोधन में सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों एवं राष्ट्रनिर्माताओं के त्याग को स्मरण किया तथा विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता एवं सतत विकास के लिए बीसीसीएल की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कंपनी के उत्पादन, गुणवत्ता, वाशरी क्षमता एवं भविष्य की उत्पादन योजनाओं में हुई प्रगति तथा आधुनिक खनन तकनीकों, मेगा ओपनकास्ट परियोजनाओं एवं डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से परिचालन उत्कृष्टता के प्रयासों को रेखांकित किया। सभी 12 प्रयोगशालाओं की एनएबीएल मान्यता, सिजुआ की मैकेनिकल ऑगर सैंपलिंग प्रणाली एवं गुणवत्ता कार्यक्रमों से पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास बढ़ने का उल्लेख करते हुए उन्होंने भोजूडीह, दुग्दा, सुदामडीह, मुनिडीह न्यू एवं पाथरडीह-II वाशरियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण वाश्ड कोल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के कंपनी के प्रयासों का उल्लेख किया।

सीएमडी ने डिजिटल परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा एवं ‘कोल नीर’ जैसी पहलों के साथ कर्मचारी कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सीएसआर तथा झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वास एवं आजीविका सृजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक तकनीक एवं सीआईएसएफ के समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, राष्ट्रीय सम्मानों एवं बीएसई-एनएसई सूचीबद्धता को बीसीसीएल परिवार की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए कंपनी को अधिक सक्षम एवं भविष्य उन्मुख बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ईमानदारी, पारदर्शिता, नवाचार, उत्कृष्टता एवं टीम भावना के साथ कार्य करने तथा ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता एवं समावेशी विकास के राष्ट्रीय संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

समारोह का सांस्कृतिक सत्र देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना से सराबोर रहा। डीएवी कोयला नगर, डीएवी मुनिडीह, बालिका उच्च विद्यालय सिजुआ तथा नर्सिंग स्कूल सीएचडी के प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता, विविधता में एकता, देशभक्ति एवं राष्ट्रनिर्माण के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सीआईएसएफ के ब्लैक कमांडोज द्वारा अनुशासन, समन्वय एवं दक्षता के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ शानदार राइफल आर्म्स ड्रिल तथा अनआर्म्ड कॉम्बैट ड्रिल के माध्यम से बिना हथियार के आत्मरक्षा एवं शत्रु को नियंत्रित करने की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसी क्रम में आंबेडकर स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट्स के छात्रों ने मार्शल आर्ट्स के शानदार करतब प्रस्तुत किए, जिसकी सभी दर्शकों ने सराहना की।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समापन पर दीक्षा महिला मंडल द्वारा सभी प्रतिभागी समूहों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ₹10,000 की सम्मान राशि प्रदान की गई। मंडल की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्रीमती पूर्बिता रमैया एवं श्रीमती नीता कुमार ने प्रतिभागी समूहों को नकद राशि भेंट की।

इससे पूर्व दिन के कार्यक्रम की शुरुआत कोयला भवन मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण समारोह से हुई, जहाँ सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने बीसीसीएल शीर्ष प्रबंधन, वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, यूनियन प्रतिनिधियों, सीआईएसएफ पदाधिकारियों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में राष्ट्रध्वज फहराया। इस अवसर पर राष्ट्रगीत वन्देमातरम के सामूहिक गायन के साथ डीएवी पब्लिक स्कूल, कोयला नगर के बच्चों द्वारा  राष्ट्रगान प्रस्तुत कर भारत की संप्रभुता, एकता एवं अखंडता का संदेश दिया गया। इसके पश्चात सिजुआ स्टेडियम में मुख्य समारोह का आयोजन हुआ।

कार्यक्रम का समापन महाप्रबंधक (सिजुआ) श्री निर्झर चक्रवर्ती द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों, विद्यालयों, शिक्षकों, प्रतिभागियों, आयोजन टीम एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

बीसीसीएल द्वारा आयोजित यह भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के सशक्त संदेश के साथ संपन्न हुआ।

संलग्नक: अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल का स्वतंत्रता दिवस संदेश।

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।

मातृभूमि के प्रति सम्मान, समर्पण और कर्तव्य की भावना ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

प्रिय बीसीसीएल परिवार के सदस्यों,

हमारे सम्मानित हितधारकगण, महिला मंडल की सम्मानित सदस्याएँ, विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधिगण, बीसीसीएल वेलफेयर बोर्ड एवं महिला कल्याण समिति, सेफ्टी एवं सीसीसी बोर्ड के सदस्य, सीआईएसएफ के अधिकारी एवं सुरक्षा बलों के सदस्य, कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथिगण, प्रतिभागियों तथा समस्त कोयलांचलवासियों,

आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनिर्माताओं के त्याग एवं बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके संघर्ष से हमें स्वतंत्र भारत का गौरव प्राप्त हुआ। यह दिवस केवल आज़ादी का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारे दायित्वों और सामूहिक संकल्प को पुनः दोहराने का अवसर भी है। आज जब हमारा देश विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, तब ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और सतत विकास में सार्वजनिक उपक्रमों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

भारत सरकार एवं कोल इंडिया लिमिटेड के मार्गदर्शन में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड इसी राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कर रहा है। देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी के रूप में बीसीसीएल न केवल इस्पात उद्योग की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है, बल्कि राष्ट्र की औद्योगिक प्रगति, अवसंरचना विकास एवं ऊर्जा सुरक्षा को भी सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहा है। लगभग 7.91 बिलियन टन कोकिंग कोल भंडार तथा घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में अग्रणी योगदान के साथ हमारी भूमिका भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक आत्मनिर्भरता से सीधे जुड़ी हुई है।

उत्पादन, गुणवत्ता एवं परिचालन उत्कृष्टता

बीते वर्षों में बीसीसीएल ने उत्पादन, डिस्पैच एवं परिचालन दक्षता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वैज्ञानिक खनन, आधुनिक उपकरणों तथा बेहतर परिचालन प्रबंधन के बल पर झरिया एवं रानीगंज कोलफील्ड्स में संचालित हमारी 34 खदानें निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। बढ़ती राष्ट्रीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मेगा ओपनकास्ट परियोजनाओं, बंद एवं अलाभकारी खदानों के पुनर्संचालन, Mine Developer & Operator (MDO) मॉडल, झरिया कोलफील्ड के पुनर्गठन तथा सात मेगा ओपनकास्ट ब्लॉकों के विकास के माध्यम से भविष्य की उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ किया जा रहा है।

हमारा लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण कोयले की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को खदान से उपभोक्ता तक और अधिक वैज्ञानिक एवं पारदर्शी बनाया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दस अतिरिक्त प्रयोगशालाओं को एनएबीएल प्रत्यायन प्राप्त होने के साथ अब बीसीसीएल की सभी 12 प्रयोगशालाएँ एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। सिजुआ क्षेत्र में द्वितीय मैकेनिकल ऑगर सैंपलिंग प्रणाली के संचालन तथा जनवरी 2026 से प्रारम्भ गुणवत्ता संवेदनशीलता कार्यक्रम के माध्यम से पारदर्शिता, उपभोक्ता विश्वास एवं 90 प्रतिशत से अधिक ग्रेड कन्फर्मेशन सुनिश्चित हुआ है।

कोकिंग कोल की गुणवत्ता सुधार हेतु वाशरी अवसंरचना का भी विस्तार किया जा रहा है।

प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं सतत विकास

आज खनन उद्योग में तकनीक एवं नवाचार ही प्रगति के प्रमुख आधार हैं। बीसीसीएल ने लॉन्गवाल, हाईवाल माइनिंग, रोड हेडर तथा अन्य आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादकता, सुरक्षा एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग को नई दिशा दी है। कंपनी द्वारा हाईवाल माइनिंग तकनीक का सफल उपयोग कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों में सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इसी प्रकार इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), आरएफआईडी आधारित वाहन प्रबंधन, जीपीएस आधारित निगरानी, स्वचालित वज़न प्रणाली, एसएपी-ईआरपी तथा डिजिटल डैशबोर्ड जैसी व्यवस्थाओं ने पारदर्शिता, दक्षता, जवाबदेही तथा समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया है। साथ ही उत्पादन एवं डिस्पैच लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स, भूमि अधिग्रहण, वैधानिक स्वीकृतियों तथा मॉनसून एक्शन प्लान पर भी समान रूप से कार्य किया जा रहा है।

कर्मचारी कल्याण, स्वास्थ्य एवं सामाजिक उत्तरदायित्व

“जो अँधेरों में उतरकर रोशनी का रास्ता बनाते हैं, वही राष्ट्र की प्रगति की इमारत को मजबूती प्रदान करते हैं।”

किसी भी संस्था की वास्तविक शक्ति उसके संसाधनों में नहीं, बल्कि उसके समर्पित मानव संसाधन में निहित होती है। बीसीसीएल की सबसे बड़ी पूंजी उसके कर्मचारी, अधिकारी, श्रमिक एवं उनसे जुड़े परिवार हैं। यही कारण है कि उत्पादन एवं परिचालन उत्कृष्टता के साथ-साथ कर्मचारी कल्याण, स्वास्थ्य, सुरक्षा, कौशल विकास तथा उनके समग्र कल्याण को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सेंट्रल हॉस्पिटल, धनबाद का निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अत्याधुनिक 128-स्लाइस सीटी स्कैन, अतिरिक्त हीमोडायलिसिस मशीनें, एंडोस्कोपी एवं कोलोनोस्कोपी सेवाएँ, बाल रोग एवं बर्न वार्ड का उन्नयन, आधुनिक दंत चिकित्सा सुविधाएँ तथा अस्पताल अवसंरचना का विस्तार हमारे कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है। नर्सिंग हॉस्टल के आधुनिकीकरण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी निरंतर सुधार हुआ है।

कर्मचारी कल्याण के अंतर्गत शिक्षा, छात्रवृत्ति, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा महिला सशक्तिकरण को समान महत्व दिया गया है। महिला कल्याण समिति की सक्रिय भूमिका, खेल अवसंरचना का विकास तथा कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं समावेशी कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ बना रही हैं।

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, पेयजल, सामुदायिक अवसंरचना एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में अनेक पहलें संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त सम्मान बीसीसीएल की सामाजिक प्रतिबद्धता एवं उत्तरदायी सार्वजनिक उपक्रम के रूप में हमारी पहचान को और सुदृढ़ करते हैं।

सुरक्षा, पुनर्वास एवं समावेशी विकास

प्रिय साथियों,

बीसीसीएल की विकास यात्रा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि झरिया एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास से भी जुड़ी हुई है। संशोधित झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत अग्नि एवं भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों के वैज्ञानिक प्रबंधन, सुरक्षित पुनर्वास, आधुनिक पुनर्वास कॉलोनियों, आधारभूत सुविधाओं तथा सामुदायिक विकास के कार्य निरंतर प्रगति पर हैं।

बीसीसीएल द्वारा पुनर्वास की दिशा में एक सार्थक पहल के अंतर्गत धनबाद में पहली बार दो ई-बसों का संचालन प्रारंभ किया गया है। ये ई-बसें बेलगढ़िया एवं करमाटांड़ के निवासियों को धनबाद तक सुगम एवं सुविधाजनक आवागमन की सुविधा प्रदान कर रही हैं, जिससे उन्हें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए धनबाद आने-जाने में विशेष सहूलियत मिल रही है।

इसी क्रम में पुनर्वासित परिवारों के कौशल विकास, सम्मानजनक आजीविका एवं दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संशोधित झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत बीसीसीएल एवं झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (जेआरडीए) द्वारा हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (आदित्य बिड़ला समूह) तथा राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ दो महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

सुरक्षा हमारी कार्यसंस्कृति का मूल आधार है। व्यवहार आधारित सुरक्षा प्रणाली, नियमित प्रशिक्षण, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों तथा तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था के माध्यम से सुरक्षा प्रबंधन को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। सीआईएसएफ के साथ समन्वित प्रयासों, ड्रोन निगरानी, बॉडी-वॉर्न कैमरा, डैश कैम तथा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं ने परिसंपत्तियों की सुरक्षा तथा कोयला चोरी एवं अवैध खनन की रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाया है। संशोधित एमएमडीआर अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन तथा जिला प्रशासन एवं अन्य एजेंसियों के साथ समन्वित कार्रवाई के माध्यम से सुरक्षित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी खनन वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता निरंतर मजबूत हुई है।

संस्थागत उत्कृष्टता एवं भविष्य की दिशा

बीते कुछ वर्षों में बीसीसीएल ने उत्पादन, गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं संस्थागत उत्कृष्टता के क्षेत्र में अनेक राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किए हैं। ये उपलब्धियाँ केवल संस्था की नहीं, बल्कि बीसीसीएल परिवार के प्रत्येक सदस्य की निष्ठा, परिश्रम और सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं।

“अंधेरों से उजालों तक हमने विश्वास जगाया है, राष्ट्र प्रगति के पथ पर बीसीसीएल ने कदम बढ़ाया है।“

आज स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर आइए हम सभी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ईमानदारी, पारदर्शिता, नवाचार, उत्कृष्टता एवं टीम भावना के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लें। हमारा विश्वास है कि राष्ट्रनिर्माण केवल संसाधनों के दोहन से नहीं, बल्कि उनके उत्तरदायी उपयोग, पर्यावरणीय संतुलन, मानव-केंद्रित विकास तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुँचाने से ही संभव है। बीसीसीएल इसी व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि के साथ ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता तथा समावेशी विकास के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।

स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व भी है। आइए, हम सब मिलकर सुरक्षित खनन, सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और उत्कृष्ट कार्य-संस्कृति के माध्यम से बीसीसीएल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने तथा विकसित भारत के निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान देने का संकल्प लें।

एक बार पुनः आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

जय हिन्द! जय भारत!

(मनोज कुमार अग्रवाल)

अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड

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