जमुना कोतमा क्षेत्र में शान से लहराया तिरंगा, महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी ने गिनाईं विकास की उपलब्धियां
12 अगस्त तक 17.32 लाख टन कोयला उत्पादन, भूमिगत उत्पादन में 30 प्रतिशत वृद्धि; नए प्रोजेक्ट और सीएसआर कार्यों से क्षेत्र के विकास को गति


जमुना कोतमा। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एसईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। महाप्रबंधक कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी ने परेड की सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद महात्मा गांधी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए और राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया
ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का सामूहिक गायन किया। इसके पश्चात कोल इंडिया का कॉरपोरेट गीत भी सामूहिक रूप से गाया गया। कार्यक्रम में एपीएम जयंत राव ने एसईसीएल बिलासपुर के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन का श्रमिकों के नाम संदेश पढ़कर सुनाया। संदेश में एसईसीएल के कोयला उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।
सीआईएसएफ जवानों की शानदार परेड रही आकर्षण का केंद्र
समारोह में सीआईएसएफ एवं एसईसीएल सुरक्षा बल के जवानों द्वारा प्रस्तुत की गई अनुशासित और शानदार परेड विशेष आकर्षण का केंद्र रही। परेड के दौरान जवानों के अनुशासन और कदमताल ने उपस्थित लोगों में राष्ट्रभक्ति का उत्साह भर दिया।
कार्यक्रम में अलंकृता महिला समिति की अध्यक्ष किशोरी त्रिपाठी सहित समिति की सदस्य, श्रम संघ प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में एसईसीएल कर्मचारी उपस्थित रहे
इसके बाद यासीन खान कवि ने देश भक्ति संबंधित कविता पाठ किया जो आकर्षण का केंद्र रहा रहा
एरिया पर्सनल मैनेजर ज्योति कुमार ने महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। वहीं डॉ. रोशनी ने अलंकृता महिला समिति की अध्यक्ष किशोरी त्रिपाठी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। स्वागत भाषण में ज्योति कुमार ने कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के साथ विकसित भारत के संकल्प को लेकर स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है।
प्रभाकर राम त्रिपाठी ने गिनाईं जमुना कोतमा क्षेत्र की उपलब्धियां
समारोह के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जमुना कोतमा क्षेत्र केवल खनन क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला क्षेत्र है। उन्होंने क्षेत्र के श्रमवीरों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उनका आभार जताया।
महाप्रबंधक ने बताया कि 12 अगस्त तक चालू वित्तीय वर्ष में जमुना कोतमा क्षेत्र ने 17 लाख 32 हजार टन कोयला उत्पादन दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 80 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को उत्पादन में इससे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। आने वाले समय में उत्पादन की रफ्तार और बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भूमिगत कोयला उत्पादन में भी क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक करीब 1.48 लाख टन भूमिगत कोयला उत्पादन हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक है। वहीं 1 करोड़ 89 लाख घनमीटर ओबी निष्कासन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 14.2 प्रतिशत अधिक है। कोयला डिस्पैच के क्षेत्र में भी अब तक 16.98 लाख टन कोयला डिस्पैच किया जा चुका है।
आमाडांड ओसीएम की क्षमता 6 मिलियन टन करने की तैयारी
प्रभाकर राम त्रिपाठी ने कहा कि आमाडांड ओसीएम की वर्तमान क्षमता 4 मिलियन टन है, जिसे बढ़ाकर आने वाले समय में 6 मिलियन टन करने की योजना है। उन्होंने बताया कि जनवरी तक क्षमता विस्तार का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि टाकी गांव के पास नई भूमिगत परियोजना शुरू करने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके लिए मेसर्स जेएमएस कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी किया जा चुका है और वित्तीय वर्ष 2027-28 तक परियोजना के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
बरतराई और बदरा खदानों में नई तकनीक पर जोर
महाप्रबंधक ने कहा कि बरतराई भूमिगत खदान का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 4.65 लाख टन है, जिसे बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। बदरा खदान में नई तकनीक के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह तकनीकी प्रयोग सफल होता है तो यह पूरे कोल इंडिया के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।
बरतराई खदान में दूरी को देखते हुए मेरीट सिस्टम शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जिसे मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही आधुनिक तरीके से ट्रक लोडिंग की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
आमाडांड से बेहाटोला तक रेलवे साइडिंग निर्माण का कार्य भी तेज गति से चल रहा है, जिससे भविष्य में कोयला परिवहन एवं डिस्पैच व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सीएसआर में जमुना कोतमा क्षेत्र की बड़ी भूमिका
प्रभाकर राम त्रिपाठी ने बताया कि जमुना कोतमा क्षेत्र पूरे एसईसीएल में तीसरा सबसे अधिक सीएसआर फंड खर्च करने वाला क्षेत्र बन गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अनूपपुर जिले में भी बड़ी राशि खर्च की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
निमहा, कुहका सहित अन्य क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की 50 महिलाओं को सिलाई का संपूर्ण प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई है। प्रशिक्षण के बाद अलंकृता महिला समिति की ओर से महिलाओं को सिलाई मशीनें भी उपलब्ध कराई गईं।
भूमि अधिग्रहण और रोजगार में भी उपलब्धियां
महाप्रबंधक ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों को मुआवजा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्र लगातार प्रयासरत है। पिछले वर्ष 160 भूस्वामियों को रोजगार प्रदान किया गया, जबकि वर्तमान वर्ष में अब तक 49 लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। इसके अलावा आठ कर्मचारियों को ड्राइवर पद पर पदोन्नति दी गई है।
भालूमाड़ा-कोतमा कॉलरी के स्टाफ क्लब का नवीनीकरण किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सोलर प्रोजेक्ट लगाए गए हैं। बंद खदानों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो अब लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। कोतमा कॉलरी सहित अन्य क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य जारी है।
रीजनल हॉस्पिटल की क्षमता 75 बिस्तर होगी
क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रभाकर राम त्रिपाठी ने बताया कि रीजनल हॉस्पिटल कोतमा कॉलरी की क्षमता को 50 से बढ़ाकर 75 बिस्तर किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के कर्मचारियों और आसपास के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी अलंकृता महिला मंडल लगातार कार्य कर रहा है। शासकीय स्कूलों के 10 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को साइकिल सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित किया गया है।
शून्य दुर्घटना लक्ष्य पर जोर
महाप्रबंधक ने कहा कि पिछले दो वर्षों में क्षेत्र ने शून्य दुर्घटना का लक्ष्य हासिल किया है। साथ ही कोयला उत्पादन और ओबी निष्कासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सफलता मिली है। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों से इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जमुना कोतमा क्षेत्र को एसईसीएल के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल करने का आह्वान किया।
अंत में प्रभाकर राम त्रिपाठी ने सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से जमुना कोतमा क्षेत्र देश की ऊर्जा सुरक्षा में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा





































