बिहार के समस्तीपुर से मिलीं भालूमाड़ा से लापता दो नाबालिग बालिकाएं, पुलिस ने परिजनों को सौंपा
साइबर सेल की मदद से ग्राम दहियार से दोनों को किया गया दस्तयाब, स्कूल जाने के लिए निकली थीं और वापस नहीं लौटीं
अनूपपुर। भालूमाड़ा थाना पुलिस ने दो नाबालिग अपहृत बालिकाओं को बिहार के समस्तीपुर जिले से दस्तयाब करने में सफलता हासिल की है। दोनों बालिकाएं 3 अगस्त को स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी। साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने दोनों बालिकाओं को ग्राम दहियार, थाना शिवाजी नगर, जिला समस्तीपुर, बिहार से दस्तयाब कर सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार भालूमाड़ा निवासी रामशरण ने 8 अगस्त को थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय भांजी रानी (काल्पनिक नाम) भालूमाड़ा में रहकर कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। वहीं भालूमाड़ा निवासी 15 वर्षीय प्रीति सिंह (काल्पनिक नाम) भी उसके साथ 3 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी। दोनों के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
रिपोर्ट में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर दोनों बालिकाओं को ले जाने की आशंका जताई गई। मामले में भालूमाड़ा थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 225/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस अधीक्षक अनूपपुर बिक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ सिंह मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा आरती शाक्य के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भालूमाड़ा निरीक्षक राधिका भगत के नेतृत्व में बालिकाओं की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर जानकारी जुटाने के साथ साइबर सेल की सहायता ली।
लगातार प्रयास और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम को दोनों बालिकाओं के बिहार के समस्तीपुर जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने ग्राम दहियार, थाना शिवाजी नगर पहुंचकर दोनों बालिकाओं को दस्तयाब किया। आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
तलाश में इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक राधिका भगत, उप निरीक्षक डीएस बागरी, सहायक उप निरीक्षक चन्द्रहास बांधेकर, प्रधान आरक्षक पंकज मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार तथा साइबर सेल की अहम भूमिका रही।





































