भालूमाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो पिकअप में क्रूरता से ठूंसकर ले जाए जा रहे 15 मवेशी जब्त, तस्कर फरार

अनूपपुर। अवैध पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भालूमाड़ा पुलिस ने 8 अगस्त को दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए मवेशियों से भरे दो पिकअप वाहन जब्त किए हैं। दोनों वाहनों में कुल 15 मवेशियों को क्रूरता पूर्वक ठूंस-ठूंसकर परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखकर दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ सिंह मरकाम तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोतमा आरती शाक्य के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भालूमाड़ा निरीक्षक राधिका भगत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की।
हरद अंडरब्रिज के पास पांच भैंसा और दो भैंसी मिलीं
पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिलने पर भालूमाड़ा पुलिस ने हरद रेलवे अंडरब्रिज के पास घेराबंदी की। इसी दौरान एक सफेद रंग का बिना नंबर का पिकअप वाहन पुलिस को दिखाई दिया। पुलिस को देखकर चालक वाहन खड़ा कर जंगल की ओर भाग गया। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें 5 भैंसा और 2 भैंसी, कुल 7 मवेशी क्रूरता पूर्वक ठूंस-ठूंसकर लोड किए हुए मिले।
जमुना में भी पिकअप छोड़कर भागा चालक
दूसरी कार्रवाई जमुना स्थित जीएम ऑफिस के सामने की गई। यहां पुलिस ने घेराबंदी की तो भालूमाड़ा की ओर से आ रहा पिकअप वाहन क्रमांक 65 ZD 4094 पुलिस को देखकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 3 भैंसी और 5 भैंसा, कुल 8 मवेशी क्रूरता पूर्वक लोड कर परिवहन करते पाए गए।
13 लाख रुपये की संपत्ति जब्त
पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों और कुल 15 मवेशियों को जब्त किया है। जब्त दोनों पिकअप वाहनों की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये तथा मवेशियों की कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह पुलिस ने कुल 13 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
मामले में दोनों अज्ञात वाहन चालकों के खिलाफ भालूमाड़ा थाने में अपराध क्रमांक 226/2026 एवं 227/2026 दर्ज कर पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ), मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धाराओं 4, 6, 6(क), 9, 10, 11 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। पुलिस फरार वाहन चालकों की पहचान और तलाश में जुटी है।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी भालूमाड़ा निरीक्षक राधिका भगत, चन्द्रहास बांधेकर, कृपाल सिंह, चक्रधर तिवारी, प्रवीण भगत, विनोद जाटव और दिनेश किराडे की अहम भूमिका रही।














