सीएमपीडीआई की पहल: हेल्थकेयर सेक्टर में रोजगार के नए अवसर, 60 युवाओं को मिलेगी आवासीय ट्रेनिंग
सीएसआर के तहत एफजीएस रांची के साथ हुआ समझौता, 73.62 लाख रुपये की परियोजना से झारखंड के बेरोजगार युवाओं को मिलेगा कौशल और रोजगार का अवसर
रांची। युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सीएमपीडीआई (सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड) ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के अंतर्गत फ्रंटलाइन ग्लोबल सर्विसेज (एफजीएस), रांची के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना के तहत झारखंड के 60 बेरोजगार युवाओं को ‘फ्लेबोटोमी टेक्नीशियन’ का आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें हेल्थकेयर क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सीएमपीडीआई ने 73 लाख 62 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है। समझौते पर सीएमपीडीआई की ओर से महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एवं नोडल अधिकारी (सीएसआर) संजय कडम्बार तथा एफजीएस, रांची की ट्रस्टी निलोफर आरा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सीएमपीडीआई की सीएसआर टीम एवं एफजीएस के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना है। फ्लेबोटोमी टेक्नीशियन कोर्स के दौरान प्रशिक्षुओं को सुरक्षित तरीके से रक्त के नमूने लेने, मरीजों से व्यवहार, लैब प्रक्रियाओं की समझ तथा डायग्नोस्टिक सेवाओं में सहयोग संबंधी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणित फ्लेबोटोमी टेक्नीशियन के रूप में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वे अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग होम, चिकित्सकों के क्लीनिक, ब्लड बैंक, डायग्नोस्टिक सेंटर, इंफ्यूजन सेंटर, ब्लड डोनेशन सेंटर सहित अन्य हेल्थकेयर संस्थानों में सेवाएं दे सकेंगे।
सीएमपीडीआई का मानना है कि वर्तमान समय में हेल्थकेयर सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार योग्य कौशल, व्यावहारिक अनुभव और प्रमाणन प्रदान कर उन्हें प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार के लिए तैयार करेगा।
सीएमपीडीआई की यह सीएसआर पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य झारखंड के युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना तथा उन्हें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार दिलाने में सहयोग करना है। यह परियोजना कौशल विकास के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

















