बीसीसीएल-टाटा स्टील संयुक्त वॉशरी के प्रदर्शन को नई गति देने पर मंथन
कोयला भवन में उच्चस्तरीय बैठक, उत्पादन, गुणवत्ता, परिचालन दक्षता और भविष्य की साझेदारी पर बनी रणनीति
धनबाद, 24 जुलाई। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और टाटा स्टील के बीच संचालित संयुक्त वॉशरी (जॉइंट वेंचर) के प्रदर्शन को और अधिक सशक्त बनाने तथा भविष्य में सहयोग के नए आयाम तलाशने के उद्देश्य से शुक्रवार को कोयला भवन मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त वॉशरी के संचालन, उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता सुधार, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी को मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज कुमार अग्रवाल ने की। इस दौरान निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) राजेश कुमार, महाप्रबंधक (वॉशरी) एम. सोहैल इकबाल, महाप्रबंधक (मार्केटिंग एंड सेल्स) हितेश वर्मा, वरीय प्रबंधक (मार्केटिंग एंड सेल्स) एन.के. विरमानी सहित बीसीसीएल के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। टाटा स्टील की ओर से वाइस प्रेसिडेंट संदीप कुमार, महाप्रबंधक (कोयला) संजय राजोरिया तथा कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की।
बैठक में संयुक्त वॉशरी की वर्तमान कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए उसके प्रदर्शन को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने परिचालन दक्षता बढ़ाने, उत्पादन क्षमता में वृद्धि, कोयले की गुणवत्ता में सुधार, संसाधनों के वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपयोग तथा आधुनिक तकनीकों के समावेश जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त उपक्रम को अधिक प्रतिस्पर्धी और परिणामोन्मुख बनाने की रणनीति पर भी सहमति बनी।
बैठक में भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बीसीसीएल और टाटा स्टील के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर भी मंथन किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते औद्योगिक परिदृश्य में पारस्परिक सहयोग, तकनीकी नवाचार और साझा विशेषज्ञता के माध्यम से संयुक्त उपक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
इस अवसर पर सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल और टाटा स्टील के बीच वर्षों से स्थापित साझेदारी पारस्परिक विश्वास, सहयोग और साझा उद्देश्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि परिचालन उत्कृष्टता, पारदर्शी कार्यप्रणाली, नवाचार तथा संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के माध्यम से संयुक्त वॉशरी के प्रदर्शन में निरंतर सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों संस्थान भविष्य में भी मिलकर औद्योगिक विकास, उत्पादन वृद्धि और उत्कृष्ट प्रदर्शन की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।
बैठक के समापन पर दोनों कंपनियों के अधिकारियों ने संयुक्त वॉशरी के बेहतर संचालन, दीर्घकालिक सहयोग तथा नियमित संवाद एवं समन्वय के माध्यम से साझा लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार की नियमित समीक्षा बैठकों से संयुक्त उपक्रम की कार्यक्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा दोनों कंपनियों के साथ-साथ कोयला उद्योग को भी इसका दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।















