केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने पुटकी-बलिहारी क्षेत्र में बीसीसीएल के ‘कोल नीर’ प्लांट का वर्चुअल माध्यम से किया उद्घाटन

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ई दिल्ली में कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में आज माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने वर्चुअल माध्यम से बीसीसीएल के पुटकी-बलिहारी (पीबी) क्षेत्र में स्थापित अत्याधुनिक ‘कोल नीर’ आरओ बॉटलिंग प्लांट सहित कोल इंडिया की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों द्वारा स्थापित अन्य ‘कोल नीर’ पेयजल संयंत्रों का लोकार्पण किया। इस पहल का उद्देश्य कोयला क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सतत पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा खदानों से निकलने वाले माइन वाटर का वैज्ञानिक शोधन कर उसे सुरक्षित पेयजल के रूप में उपयोग में लाना है।

इस अवसर पर माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, माननीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त, अपर सचिव श्री सनोज कुमार झा, अपर सचिव श्रीमती रूपिंदर बरार, कोयला नियंत्रक श्री सजीश कुमार एन. सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कोल इंडिया के चेयरमैन श्री बी. साईंराम, बीसीसीएल के सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल, विभिन्न अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी एवं निदेशकगण तथा बीसीसीएल के निदेशक (तकनीकी) श्री संजय कुमार सिंह एवं निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री राजीव कुमार सिन्हा ने भी सहभागिता की।

अपने संबोधन में श्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कोयला मंत्रालय ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘कोल नीर’ परियोजना माइन वाटर के वैज्ञानिक शोधन के माध्यम से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की अभिनव पहल है, जो पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, सामुदायिक कल्याण एवं स्थानीय विकास को नई गति प्रदान करेगी।

लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बीसीसीएल द्वारा स्थापित पुटकी-बलिहारी ‘कोल नीर’ संयंत्र की उत्पादन क्षमता 3,000 लीटर प्रति घंटा है तथा यह सेमी-ऑटोमैटिक तकनीक पर आधारित है। संयंत्र में प्री-ट्रीटमेंट, रिवर्स ऑस्मोसिस, यूवी स्टेरिलाइजेशन, ओजोनेशन, स्वचालित बॉटल निर्माण, रिंसिंग, फिलिंग, कैपिंग, लेबलिंग, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण जैसी आधुनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से 250 मि.ली., 500 मि.ली., 1 लीटर की बोतलों तथा 20 लीटर जार में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। संयंत्र का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे स्थानीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। प्रारंभिक चरण में ‘कोल नीर’ का उपयोग बीसीसीएल मुख्यालय, विभिन्न क्षेत्रों, सरकारी कार्यालयों एवं अन्य संस्थानों में किया जाएगा।

पीबी क्षेत्र में आयोजित उद्घाटन समारोह में बीसीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (वित्त) श्री राजेश कुमार, क्षेत्रीय महाप्रबंधक (पीबी क्षेत्र) श्री जयंता कुमार दास, कोयला भवन एवं पीबी क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी, बीसीसीएल सीसीसी एवं वेलफेयर बोर्ड के सदस्य, कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में निदेशक (मानव संसाधन) एवं निदेशक (वित्त) ने कहा कि ‘कोल नीर’ परियोजना जल संरक्षण, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन तथा सामुदायिक कल्याण की दिशा में बीसीसीएल की एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है। उद्घाटन के उपरांत उपस्थित अधिकारियों एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयंत्र का निरीक्षण कर इसकी आधुनिक सुविधाओं एवं जल शुद्धिकरण प्रक्रिया की सराहना की।

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