ग्रामीण और आदिवासी खिलाड़ियों को मिलेगा नया मंच, ‘खेल तरंग’ परियोजना के लिए एनसीएल ने किया एमओयू

---Advertisement---

ग्रामीण और आदिवासी खिलाड़ियों को मिलेगा नया मंच, ‘खेल तरंग’ परियोजना के लिए एनसीएल ने किया एमओयू

सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी की महत्वाकांक्षी ‘खेल तरंग’ परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एनसीएल और जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग, सिंगरौली के बीच मंगलवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एमओयू पर एनसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर) राजीव रंजन तथा जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी राहुल संयम ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एनसीएल के प्रबंधक (सीएसआर) प्रशांत कुमार भी उपस्थित रहे।

परियोजना के तहत लगभग 7.07 लाख रुपये की लागत से आधुनिक एथलेटिक्स खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपकरणों का लाभ सिंगरौली जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के करीब 1,500 युवा एवं विद्यार्थियों को सीधे तौर पर मिलेगा। साथ ही स्थानीय विद्यालयों, खेल क्लबों और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं अभ्यास की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

एनसीएल का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, युवाओं में शारीरिक फिटनेस और खेल भावना विकसित करना तथा छिपी हुई खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। कंपनी का मानना है कि बेहतर खेल सुविधाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकेंगे और खेल जगत में नई पहचान बना सकेंगे।

परियोजना के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता जैसे गुणों का भी विकास होगा। इससे न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी समाज में सकारात्मक सामाजिक बदलाव भी देखने को मिलेगा।

‘खेल तरंग’ परियोजना का संचालन जिला प्रशासन, सिंगरौली के सहयोग से किया जाएगा। यह पहल कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची-7 के अंतर्गत ग्रामीण, राष्ट्रीय, ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेलों के संवर्धन से संबंधित प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएगी।

एनसीएल का यह प्रयास क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आधुनिक संसाधन, बेहतर अवसर और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे भविष्य में सिंगरौली के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment