खनन संविदाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने सीसीएल का क्षमता संवर्धन कार्यक्रम, 44 अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा सतर्कता विभाग के तत्वावधान में सोमवार को एमटीसी में “खनन संविदाएं (माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट्स)” विषय पर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य खनन संविदाओं के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना तथा संविदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाना था।
उद्घाटन सत्र में निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) अनुप हंजूरा, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक तथा महाप्रबंधक (सीएमसी) राजीव उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि खनन परियोजनाओं की सफलता के लिए संविदा प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का प्रभावी अनुपालन अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों को संविदा प्रबंधन से जुड़े संभावित जोखिमों की पहचान, हिंड्रेंस रजिस्टर का व्यवस्थित संधारण तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ती है, निर्णय प्रक्रिया मजबूत होती है और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब को रोका जा सकता है। बेहतर समन्वय और सतर्कता आधारित कार्यप्रणाली से संस्थान की कार्यसंस्कृति भी सुदृढ़ होती है।
कार्यक्रम में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं विभागों से आए 44 अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खनन संविदाओं से संबंधित प्रक्रियाओं, व्यावहारिक चुनौतियों, जोखिम प्रबंधन, अनुबंधों के प्रभावी संचालन तथा सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने संविदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
सीसीएल प्रबंधन ने कहा कि ऐसे क्षमता संवर्धन कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिकारियों को नवीन नियमों, प्रक्रियाओं और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा सके। इससे न केवल खनन संविदाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा, बल्कि संगठन में दक्षता, जवाबदेही और सुशासन को भी मजबूती मिलेगी।



































