जनआस्था और सामाजिक समरसता का केंद्र बनेगा यह धाम- पूर्व विधायक गुलाब कमरो
मनेन्द्रगढ़। ग्राम देवता श्री सिद्ध बाबा सरकार के नवनिर्मित भव्य मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार को वैदिक विधि-विधान, हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन किये और क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की। धार्मिक उल्लास और भक्ति से सराबोर वातावरण में महाप्रसाद और भंडारे का भी आयोजन किया गया।
महोत्सव में पूर्व विधायक गुलाब कमरो अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। उन्होंने पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुखद भविष्य की कामना करते हुए कहा कि श्री सिद्ध बाबा सरकार के मंदिर निर्माण की इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनना उनके लिये गर्व और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में बाबा के आशीर्वाद से इस मंदिर निर्माण का शुभारंभ हुआ था और आज प्राण-प्रतिष्ठा के साथ यह दिव्य धाम जनआस्था का नया केंद्र बन गया है।
गुलाब कमरो ने कहा कि यह मंदिर केवल ईंट-पत्थरों से बना भवन नहीं बल्कि लोगों की अटूट श्रद्धा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके निर्माण में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया जो मनेन्द्रगढ़ की सामूहिक शक्ति और धार्मिक आस्था को दर्शाता है। उन्होंने मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले श्री सिद्ध बाबा सेवा समिति के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय मनोज कक्कड़ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका देखा हुआ सपना आज साकार हो गया है साथ ही वर्तमान अध्यक्ष राजेश शर्मा, सचिव विकास श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष अज्जू अग्रवाल सहित समिति के सभी पदाधिकारियों, दानदाताओं और सहयोगियों के योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण के शुरुआती दौर में ग्राम पंचायत चनवारीडांड और स्थानीय नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। सभी के सामूहिक प्रयासों और बाबा की कृपा से आज यह भव्य मंदिर क्षेत्रवासियों की आस्था का स्थायी केंद्र बन सका है।
कार्यक्रम के समापन पर गुलाब कमरो ने समस्त श्रद्धालुओं को प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री सिद्ध बाबा सरकार की कृपा से मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र निरंतर सुख, शांति, समृद्धि और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।
समापन समारोह में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरे परिसर में जयकारों, भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।




































