सीसीएल में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन, नोडल अधिकारियों की भूमिका पर हुई कार्यशाला
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के दरभंगा हाउस स्थित प्रकाश हॉल में गुरुवार को “राजभाषा हिंदी के प्रगामी कार्यान्वयन में नोडल अधिकारियों की भूमिका” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कंपनी के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देना तथा राजभाषा नीति के सफल क्रियान्वयन में नोडल अधिकारियों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना था।
कार्यशाला का संचालन उप प्रबंधक (राजभाषा) डॉ. दिविक दिवेश ने किया। उन्होंने राजभाषा अधिनियम एवं नियमों, भाषाई क्षेत्रों के वर्गीकरण, सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रगामी प्रयोग, सरकारी पत्राचार में हिंदी की अनिवार्यता तथा नोडल अधिकारियों एवं निरीक्षकों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों से राजकाज में हिंदी का अधिकाधिक और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में महाप्रबंधक (मानव संसाधन विकास) एम.एफ. हक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन को संगठन की कार्यकुशलता और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों से इसमें सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझा। प्रश्नोत्तर सत्र में भी अधिकारियों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया, जिससे कार्यक्रम और अधिक उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बन गया।
प्रतिभागियों ने कार्यशाला की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक और प्रेरणादायी बताया। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की, ताकि कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक गति मिल सके तथा केंद्र सरकार की राजभाषा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।



































