दो दिवसीय जिला स्तरीय कराते प्रशिक्षण शिविर संपन्न, 85 खिलाड़ियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर
कोयलांचल समाचार के लिए जिला रिपोर्टर — अरुण कुमार द्विवेदी, शहडोल
शहडोल। जिला इंडियन कराते एसोसिएशन के तत्वावधान में 20 एवं 21 जून को शांति देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल, शहडोल में दो दिवसीय जिला स्तरीय कराते प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर में जिले के 85 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर कराते की विभिन्न तकनीकों एवं आत्मरक्षा के गुरों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण शिविर का आयोजन एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्मा एवं सचिव रामकिशोर चौरसिया के नेतृत्व में किया गया। आयोजकों ने बताया कि इंडियन कराते के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश स्पोर्ट्स कराते एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर की अनुमति से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना रहा।
शिविर की सफलता में विद्यालय के संचालक राजन शर्मा एवं प्राचार्य शुभांगी श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान खिलाड़ियों की बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा भी आयोजित की गई। साथ ही सभी प्रतिभागियों को इंडियन कराते राज्य मुख्यालय की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने की घोषणा की गई।
मुख्य प्रशिक्षक एवं राष्ट्रीय कराते कोच प्रमोद विश्वकर्मा, रामकिशोर चौरसिया, सहायक प्रशिक्षक शिवानी नामदेव, संजय कंघीकार एवं उत्तम हलवाई ने खिलाड़ियों को कराते की तकनीकी जानकारी प्रदान की और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
विश्व योग दिवस के अवसर पर योग प्रशिक्षक गोल्डी पाल ने खिलाड़ियों को योगाभ्यास कराया तथा योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने की जानकारी दी। योग और कराते के समन्वय से खिलाड़ियों को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन की प्रेरणा मिली।
शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्य शुभांगी श्रीवास्तव एवं सब-इंस्पेक्टर नेहा उइके उपस्थित रहीं। अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं।
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर ने जिले के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान किया और उनमें आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता एवं खेल भावना को मजबूत किया।



































