खुशियों की दास्तां
उमरिया, 10 जून। उमरिया जिले की प्रविता सेन आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मिसाल बन गई हैं। स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
प्रविता सेन वर्ष 2024 में गठित गौरी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। समूह में वर्तमान में 11 महिलाएं सदस्य के रूप में जुड़ी हुई हैं, जो विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने का कार्य कर रही हैं।
प्रविता बताती हैं कि समूह के गठन के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार हुआ है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने के नए अवसर मिले हैं। समूह की सदस्य बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ वित्तीय लेन-देन में भी सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा सदस्य खेती, पशुपालन एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से भी जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं।
प्रविता स्वयं आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियों का उत्पादन एवं विक्रय कर रही हैं। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। पहले जहां परिवार की आय सीमित थी, वहीं अब सब्जी उत्पादन और बिक्री से परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। इससे बच्चों की शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं तथा अन्य जरूरतों की पूर्ति आसानी से हो रही है।
प्रविता सेन का मानना है कि महिलाएं यदि संगठित होकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज और गांव के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उनकी सफलता की कहानी क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
प्रविता सेन ने महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है।



































