एनसीएल में ड्रैगलाइन खनन एवं संचालन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
सुरक्षित, वैज्ञानिक और दक्ष खनन पर दिया गया जोर, विशेषज्ञों ने साझा किए तकनीकी अनुभव
सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा सुरक्षित एवं दक्ष खनन संचालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को सीईटीआई, सिंगरौली में ‘ड्रैगलाइन खनन एवं संचालन’ विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं से ड्रैगलाइन इंजीनियर, माइन प्लानिंग, मेंटेनेंस एवं पर्यवेक्षण कार्यों से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ड्रैगलाइन संचालन से जुड़े कर्मियों के तकनीकी ज्ञान को अद्यतन करना, आधुनिक खनन चुनौतियों के अनुरूप उनकी दक्षता बढ़ाना तथा सुरक्षित खनन प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत बनाना था। कार्यक्रम में एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक बी. साईराम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया।
अपने उद्बोधन में सीएमडी बी. साईराम ने कहा कि ड्रैगलाइन एनसीएल की उत्पादन क्षमता की रीढ़ है और इसका सुरक्षित एवं समन्वित संचालन कंपनी की सफलता का प्रमुख आधार है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि एनसीएल की उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति, वैज्ञानिक खनन पद्धतियों और दशकों की समृद्ध कार्य परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, नवाचार अपनाने और उत्पादन लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) रजनीश नारायण ने कहा कि ड्रैगलाइन का कुशल संचालन बेहतर योजना, प्रभावी प्रबंधन और उच्च स्तरीय रखरखाव पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञता के साथ संचालित ड्रैगलाइन उत्पादन लागत कम करने और लाभप्रदता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
निदेशक (तकनीकी) आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि एनसीएल के पास देश के सबसे बड़े ड्रैगलाइन बेड़ों में से एक है और वर्तमान में कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं में 23 ड्रैगलाइनों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने वैज्ञानिक खदान योजना, प्रभावी समन्वय और व्यवस्थित संचालन को ड्रैगलाइन की सफलता का प्रमुख आधार बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। महाप्रबंधक (खनन) एवं तकनीकी सचिव नवीन राय ने ड्रैगलाइन खनन एवं संचालन, महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट प्लानिंग) पी.डी. राठी ने सुरक्षा प्रबंधन, महाप्रबंधक (सीएमसी) रतनजय सिंह ने ड्रैगलाइन संचालन हेतु ब्लास्टिंग तकनीक, एडवाइजर (उत्खनन) एस.आर.पी. अंबस्ता ने रखरखाव प्रणाली तथा वरिष्ठ प्रबंधक (खनन) सत्यवीर सिंह ने बैलेंसिंग डायग्राम एवं ड्रैगलाइन योजना पर व्याख्यान दिए।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा ड्रैगलाइन संचालन से जुड़ी चुनौतियों, नवाचारों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विचार-विमर्श किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुरक्षित, उत्पादक और आधुनिक खनन प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



































