खेल, कला और व्यक्तित्व विकास का महाकुंभ बना एनसीएल का ‘आरोहण 2026’ 4,700 से अधिक बच्चों की सहभागिता, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रही प्रतिभाएं

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खेल, कला और व्यक्तित्व विकास का महाकुंभ बना एनसीएल का ‘आरोहण 2026’
4,700 से अधिक बच्चों की सहभागिता, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रही प्रतिभाएं

सिंगरौली। गर्मी की छुट्टियों को रचनात्मकता, सीख और आत्मविकास के अवसर में बदलने के उद्देश्य से नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित समर कैंप ‘आरोहण 2026’ इन दिनों पूरे सिंगरौली क्षेत्र में बच्चों और अभिभावकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 21 मई से 10 जून 2026 तक आयोजित इस 21 दिवसीय शिविर में एनसीएल मुख्यालय सहित कंपनी की सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों से 4,700 से अधिक बच्चे उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं

कोल इंडिया की अग्रणी अनुषंगी कंपनी एनसीएल द्वारा वर्ष 2018 में शुरू किया गया ‘आरोहण’ आज बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त मंच बन चुका है। कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले संस्करण में जहां केवल 1,200 बच्चों ने भाग लिया था, वहीं सातवें संस्करण में प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 4,700 से अधिक हो गई है। इनमें एनसीएल कर्मियों के 2,149 बच्चे तथा आसपास के परिधीय क्षेत्रों के 2,569 बच्चे शामिल हैं।

13 विधाओं में दिया जा रहा प्रशिक्षण

‘आरोहण 2026’ के तहत बच्चों को खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों की 13 विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, कबड्डी, फुटबॉल, क्रिकेट, तैराकी, जूडो, कराटे, बास्केटबॉल, स्केटिंग, संगीत एवं नृत्य तथा आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स जैसी गतिविधियां शामिल हैं। शिविर का उद्देश्य केवल खेल कौशल विकसित करना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें उचित दिशा प्रदान करना भी है।

अनुभवी प्रशिक्षकों का मिल रहा मार्गदर्शन

विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण का संचालन एनसीएल के उन अनुभवी कर्मियों द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने कोल इंडिया एवं सार्वजनिक क्षेत्र की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके अनुभव, अनुशासन और मार्गदर्शन से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रेरणा भी मिल रही है।

प्रतिभागियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों को उन परियोजनाओं में आयोजित किया गया है, जहां संबंधित खेलों के लिए उत्कृष्ट अधोसंरचना और प्रशिक्षक उपलब्ध हैं। उदाहरण के तौर पर तैराकी का प्रशिक्षण जयंत की आधुनिक स्विमिंग सुविधा में तथा कबड्डी प्रशिक्षण ककरी परियोजना में कराया जा रहा है।

व्यक्तित्व विकास पर विशेष फोकस

एनसीएल का यह समर कैंप केवल खेल और मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। शिविर के दौरान नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना, संवाद कौशल और सकारात्मक जीवन मूल्यों के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। इससे बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक सोच के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक मूल्यों का भी विकास हो रहा है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमक रहे ‘आरोहण’ के सितारे

‘आरोहण’ से निकली प्रतिभाएं आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। हाल ही में नेपाल में आयोजित 12वीं माउंट एवरेस्ट इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप-2026 में शिविर से जुड़े खिलाड़ियों ने सात देशों के प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक के साथ 3 प्रतिभागिता पुरस्कार अपने नाम किए।

इसके अतिरिक्त कबड्डी में 50 से अधिक खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। बैडमिंटन में भी कई प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त की है। वहीं 61वीं मध्यप्रदेश एथलेटिक्स प्रतियोगिता-2025 में ‘आरोहण’ से जुड़े धावकों ने 5 स्वर्ण, 4 रजत और 11 कांस्य सहित कुल 20 पदक जीतकर एनसीएल और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।

बच्चों के सपनों को दे रहा नई उड़ान

एनसीएल का ‘आरोहण’ समर कैंप आज केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि हजारों बच्चों के सपनों को नई दिशा देने वाला आंदोलन बन चुका है। खेल, कला, संस्कृति और व्यक्तित्व विकास के समन्वय से यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रही है। लगातार बढ़ती भागीदारी और प्रतिभागियों की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि ‘आरोहण’ आने वाले वर्षों में भी क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं के लिए सफलता का महत्वपूर्ण मंच बना रहेगा।

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