संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में लोकमाता की जयंती पर इस वर्ष अमरकंटक में कोई आयोजन नहीं हुआ । नर्मदा मंदिर परिसर के एक किनारे रखी उनकी प्रतिमा उपेक्षित रखी हुई है और किसी भी संस्था अथवा विभाग द्वारा उन्हें औपचारिक रूप से स्मरण नहीं किया गया ।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष शासन द्वारा उनकी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए गए थे ।
अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर नर्मदा मंदिर के सामने निर्मित धर्मशाला भवन वर्तमान में अमरकंटक विकास प्राधिकरण के कार्यालय के रूप में संचालित हो रहा है । इससे पूर्व इसी भवन में नगर पंचायत तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) का कार्यालय संचालित रहा है । यह धर्मशाला उनके धार्मिक , सांस्कृतिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों की स्मृति में निर्मित की गई थी ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को रामघाट स्थित नवीन रामसेतु पुल के समीप स्थापित किया जाना प्रस्तावित था किंतु अब तक प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है । जयंती के अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने प्रतिमा की शीघ्र स्थापना एवं लोकमाता के योगदान के अनुरूप सम्मान दिए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है ।






































