नूर मोहम्मद तन्हा की मेहनत रंग लाई, गुणवत्ता, स्वाद और बागवानी व्यवस्था देखकर प्रभावित हुए अधिकारी
अनूपपुर। जिले की ग्राम पंचायत बदरा स्थित जमुना-कोतमा क्षेत्र की नर्सरी इन दिनों अपनी उत्कृष्ट बागवानी और स्वादिष्ट आमों के कारण विशेष पहचान बना रही है। क्षेत्र में तैयार हो रहे उच्च गुणवत्ता वाले आमों की ख्याति अब स्थानीय सीमाओं से निकलकर बड़े अधिकारियों तक पहुंचने लगी है। इसी क्रम में बुधवार को जीएम पीएमके बिलासपुर तथा सीएमडी कार्यालय से आए अधिकारियों के दल ने नर्सरी का भ्रमण किया और यहां तैयार किए गए आमों का स्वाद लेकर उनकी गुणवत्ता की खुलकर प्रशंसा की।
नर्सरी में पहुंचते ही अधिकारियों ने आम के बगीचे, पौधों की देखरेख की व्यवस्था और विकसित की गई विभिन्न प्रजातियों का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने न केवल आमों का स्वाद लिया, बल्कि उनकी गुणवत्ता, मिठास और प्राकृतिक उत्पादन पद्धति की भी सराहना की।
मेहनत और लगन की दिखाई दी मिसाल
नर्सरी संचालक नूर मोहम्मद तन्हा ने अधिकारियों को नर्सरी की स्थापना से लेकर वर्तमान स्थिति तक की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लगातार मेहनत, उचित देखरेख और आधुनिक बागवानी तकनीकों के माध्यम से विभिन्न प्रजातियों के आमों और पौधों का संरक्षण एवं उत्पादन किया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि जिस समर्पण और लगन के साथ नर्सरी का संचालन किया जा रहा है, वह अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान वहां की गुणवत्ता और मेहनत से बनती है और बदरा की यह नर्सरी इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
आम की मिठास ने किया प्रभावित
नर्सरी में तैयार हुए आमों का स्वाद लेने के बाद अधिकारियों ने कहा कि यहां के आमों में प्राकृतिक मिठास, उत्कृष्ट गुणवत्ता और बेहतर उत्पादन प्रबंधन की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि स्वाद और गुणवत्ता का ऐसा संतुलन कम ही देखने को मिलता है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि इसी तरह बागवानी को बढ़ावा दिया जाए तो क्षेत्र के किसानों और युवाओं के लिए रोजगार तथा आय के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। उन्होंने नर्सरी के प्रयासों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक पहल बताया।
बागवानी के क्षेत्र में बन रही नई पहचान
दौरे के दौरान अधिकारियों ने आम के पौधों की देखरेख, सिंचाई व्यवस्था और पौध संरक्षण संबंधी गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नर्सरी में विकसित पौधों की विविधता और सुव्यवस्थित प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान भविष्य में बागवानी और पौध उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी अधिकारियों के दौरे को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया। उनका कहना है कि बदरा की यह नर्सरी अब धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना रही है और क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर बिलाल अहमद, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी, कृष मुखर्जी, दिलीप भारती तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष उमेश कुमार मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नर्सरी संचालक की मेहनत और बागवानी के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
क्षेत्र के विकास और रोजगार की नई उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की नर्सरियों को प्रोत्साहन और तकनीकी सहयोग मिले तो क्षेत्र में फलोत्पादन और बागवानी को नई दिशा मिल सकती है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
बदरा की यह नर्सरी आज केवल पौध उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि मेहनत, नवाचार और गुणवत्ता की ऐसी मिसाल बन चुकी है, जिसकी सराहना अब बड़े अधिकारी भी कर रहे हैं। अधिकारियों के इस दौरे ने नर्सरी की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाने का कार्य किया है।






































