मनेन्द्रगढ़। 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ में चिकित्सकों की विशेषज्ञता, त्वरित निर्णय क्षमता और समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं ने दो गंभीर मरीजों को नया जीवन देने में सफलता हासिल की है। एक ओर दो वर्षों से असहनीय पीड़ा झेल रही 67 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन किया गया वहीं दूसरी ओर अपेंडिक्स फटने की गंभीर स्थिति में पहुंचे 22 वर्षीय युवक की समय रहते सर्जरी कर जान बचा ली गई। अस्पताल की इस उपलब्धि ने क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत किया है।
पेंड्रा क्षेत्र के तेंदूपारा निवासी 67 वर्षीय समुनदीया बैगा पिछले दो वर्षों से एनल स्टेनोसिस जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। लगातार दर्द और परेशानी के बावजूद विभिन्न स्थानों पर इलाज कराने से उन्हें राहत नहीं मिली। स्थिति बिगड़ने पर परिजन उन्हें मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जांच के बाद सफल सर्जरी कर उनकी बीमारी का उपचार किया। अब उनकी हालत पूरी तरह स्थिर है और उन्हें 2 जून को अस्पताल से छुट्टी दिये जाने की तैयारी है। महिला के रिश्तेदार संतोष कुमार बैगा ने बताया कि उनके परिवार का अस्पताल पर भरोसा पहले से था। उनके भाई का भी यहां बवासीर का सफल उपचार हुआ था जिसके सकारात्मक अनुभव के आधार पर वे समुनदीया को मनेन्द्रगढ़ लेकर आये। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मरीज की देखभाल परिवार के सदस्य की तरह की जिससे पूरे परिवार को राहत और संतोष मिला।
इसी बीच लालपुर निवासी 22 वर्षीय विकास को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि उसका अपेंडिक्स फटने की स्थिति में पहुंच चुका था और संक्रमण तेजी से फैल रहा था। चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन कर स्थिति को नियंत्रित किया। विशेषज्ञों के अनुसार यदि उपचार में थोड़ी भी देरी होती तो संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता था। सफल सर्जरी के बाद युवक अब खतरे से बाहर है।
शनिवार को अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं का एक और उल्लेखनीय उदाहरण देखने को मिला जब विभिन्न विभागों में कुल नौ सफल सर्जरियां संपन्न की गईं। इनमें सामान्य शल्य चिकित्सा, अस्थि रोग, स्त्री और प्रसूति रोग तथा ईएनटी विभाग की जटिल शल्यक्रियाएं शामिल रहीं। मरीजों के सफल उपचार ने अस्पताल की कार्यक्षमता और विशेषज्ञता को फिर साबित किया।
इन सफल सर्जरियों के पीछे सामान्य शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. राजीव गुप्ता, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश जायसवाल, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. एल.पी. मराबी एवं डॉ. फिरोज शेख, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि तथा ईएनटी सर्जन डॉ. अलेख सिदार सहित पूरी चिकित्सा टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही वहीं ऑपरेशन थिएटर प्रभारी पुष्पा पटेल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भी उत्कृष्ट समन्वय और जिम्मेदारी का परिचय दिया।
अस्पताल की इस उपलब्धि की जानकारी मिलने पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना की। अटल आरोग्य लैब के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से सर्जिकल टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि मनेन्द्रगढ़ का 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर क्षेत्रवासियों का विश्वास जीत रहा है। बाद में उन्होंने चिकित्सकों से अलग से मुलाकात कर उन्हें बधाई भी दी। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि यह सफलता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे, अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और समर्पित सेवाभाव के चलते मनेन्द्रगढ़ का यह अस्पताल अब आसपास के जिलों के मरीजों के लिये भी भरोसे का केंद्र बनता जा रहा है।






































