जब पंडित युगल किशोर शुक्ल जी ने ‘उदन्त मार्त्तण्ड’ के माध्यम से हिन्दी पत्रकारिता की नींव रखी, तब उनका उद्देश्य केवल समाचार पहुंचाना नहीं था, बल्कि ‘देशहित’ का पवित्र संकल्प था। इस दौर में भी वही संकल्प पत्रकारिता का मानक होना चाहिए।
200 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में हिन्दी पत्रकारिता ने जन भावनाओं को स्वर देने और लोकतंत्र को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
https://www.facebook.com/share/p/19JGk74hiE/





































