एमपी बॉर्डर पर फिलहाल नहीं खुलेंगे चेक पोस्ट

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एमपी बॉर्डर पर फिलहाल नहीं खुलेंगे चेक पोस्ट

 

हाईकोर्ट ने अपने ही पूर्व आदेश पर लगाई रोक, ट्रांसपोर्टरों को मिली बड़ी राहत

 

जबलपुर। मध्यप्रदेश की सीमाओं पर बंद पड़े आरटीओ चेक पोस्ट फिलहाल दोबारा शुरू नहीं होंगे। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने ही पूर्व आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए राज्य सरकार को बड़ी राहत दी है। इस फैसले के बाद प्रदेश की सीमाओं पर प्रस्तावित चेक पोस्ट संचालन पर फिलहाल विराम लग गया है।

 

मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस एवं अन्य पक्षों द्वारा दायर रिव्यू याचिका पर विचार किया और पूर्व में दिए गए आदेश को स्थगित कर दिया। इससे पहले हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल को जारी आदेश में राज्य सरकार को 30 दिनों के भीतर बंद पड़े चेक पोस्ट पुनः शुरू करने के निर्देश दिए थे

 

दरअसल यह मामला वर्ष 2006 में दायर एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें प्रदेश में ओवरलोड वाहनों और बढ़ते सड़क हादसों का मुद्दा उठाया गया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया था कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए चेक पोस्टों का संचालन जारी रखा जाएगा। बाद में सरकार द्वारा चेक पोस्ट बंद कर दिए गए, जिसके खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी। इसी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व में चेक पोस्ट दोबारा शुरू करने का आदेश दिया था।

 

रिव्यू याचिका में ट्रांसपोर्टरों की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता राहुल दिवाकर ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार की नीति के तहत कई राज्यों में चेक पोस्ट समाप्त किए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश सहित केवल कुछ राज्यों में ही यह व्यवस्था शेष है। उन्होंने दलील दी कि यह नीति संबंधी मामला है और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही प्रदेश में चेक पोस्ट बंद किए गए थे। 

 

हाईकोर्ट ने इन तर्कों को सुनने के बाद फिलहाल अपने पुराने आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले को ट्रांसपोर्टरों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि चेक पोस्ट दोबारा शुरू होने की स्थिति में परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी।

 

अब मामले की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि प्रदेश में चेक पोस्टों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा या नहीं। फिलहाल सीमाओं पर बंद पड़े आरटीओ चेक पोस्ट यथावत बंद ही रहेंगे।

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