ठेका होने के बावजूद अधर में लटका जमुना कॉलोनी वर्कर्स क्लब का जीर्णोद्धार, कालरी प्रबंधन पर उठे सवाल
श्रीकांत शुक्ला ने उठाई आवाज—कालरी प्रबंधन की उदासीनता से बढ़ रही जर्जरता, जल्द काम शुरू कराने की मांग
जमुना कोतमा। जमुना कॉलोनी स्थित वर्कर्स क्लब, जो कभी अपनी मजबूत संरचना और आकर्षक डिजाइन के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखता था, आज बदहाली का शिकार बना हुआ है। यह क्लब वर्षों तक विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र रहा, लेकिन अब इसकी हालत दिन-ब-दिन जर्जर होती जा रही है।
हैरानी की बात यह है कि क्लब के जीर्णोद्धार के लिए कालरी प्रबंधन द्वारा ठेका भी दिया जा चुका है, इसके बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं किया गया है। ठेका प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी निर्माण कार्य का प्रारंभ न होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि यदि जल्द ही जीर्णोद्धार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो भवन की स्थिति और अधिक खराब हो सकती है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करना कठिन हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्कर्स क्लब केवल एक भवन नहीं, बल्कि श्रमिकों और स्थानीय लोगों की सामाजिक गतिविधियों का केंद्र है। इसकी अनदेखी से क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
श्री शुक्ला ने कालरी प्रबंधन से मांग की है कि ठेका दिए जाने के बाद भी लंबित पड़े कार्य को तत्काल शुरू कराया जाए और वर्कर्स क्लब को उसकी पुरानी पहचान वापस दिलाई जाए, ताकि क्षेत्र में कार्यक्रमों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
प्रबंधन की अनदेखी से जर्जर हुआ वर्कर्स क्लब कोतमा कॉलरी, जल्द जीर्णोद्धार की मांग तेज
श्रीकांत शुक्ला ने उठाई आवाज, कहा—क्लब की हालत सुधरी नहीं तो कार्यक्रम आयोजन होंगे प्रभावित

जमुना कोतमा। कभी अपनी भव्यता, मजबूत संरचना और आकर्षक डिजाइन के लिए पूरे क्षेत्र में पहचान रखने वाला वर्कर्स क्लब कोतमा कॉलरी आज प्रबंधन की उदासीनता का शिकार होकर बदहाली की स्थिति में पहुंच गया है। वर्षों तक यह क्लब विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और औपचारिक कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र रहा, जहां अनेक सफल आयोजन संपन्न हुए

लेकिन पिछले कुछ वर्षों से रख-रखाव के अभाव और प्रबंधन की अनदेखी के कारण क्लब की स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही है। भवन की संरचना कमजोर होती दिख रही है, जिससे भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता
इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए श्रीकांत शुक्ला ने प्रबंधन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते क्लब का जीर्णोद्धार नहीं कराया गया, तो आने वाले समय में कोतमा कॉलरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करना मुश्किल हो जाएगा
श्री शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्कर्स क्लब केवल एक भवन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसकी उपेक्षा सीधे तौर पर श्रमिकों और स्थानीय लोगों की सुविधाओं को प्रभावित कर रही है
उन्होंने प्रबंधन से अपील की है कि जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर क्लब को पुनः उसकी पुरानी गरिमा दिलाई जाए, ताकि क्षेत्र में कार्यक्रमों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

















