यूजीसी नेट में आईजीएनटीयू के प्राचीन इतिहास विभाग का दबदबा
7 विद्यार्थियों ने नेट परीक्षा की उत्तीर्ण, विभागाध्यक्ष ने उपलब्धि को बताया गौरव का विषय
अमरकंटक। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा घोषित यूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा परिणाम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू), अमरकंटक के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। विभाग के 7 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) उत्तीर्ण कर विश्वविद्यालय एवं विभाग का नाम गौरवान्वित किया है।
घोषित परिणाम के अनुसार विभाग के शोधार्थी अंकुर पाण्डेय, रानी गुप्ता, दिव्या भारद्वाज एवं गोविन्द पाण्डेय तथा पीजी के विद्यार्थी अरविन्द साहू, रमेश कुमार एवं देवराज मीणा ने यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता हासिल की है। एक साथ सात विद्यार्थियों के नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने से विभाग में उत्साह एवं हर्ष का माहौल है।
मेहनत और लगन का मिला परिणाम
विद्यार्थियों की इस उल्लेखनीय सफलता पर विभाग के शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शिक्षकों ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत, लगन, अनुशासन और अध्ययन के प्रति समर्पण का परिणाम है। विद्यार्थियों की सफलता न केवल विभाग के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
अकादमिक विरासत को विद्यार्थियों ने आगे बढ़ाया
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. शिवा कान्त त्रिपाठी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग की अपनी समृद्ध अकादमिक विरासत रही है। विभाग के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना निश्चित रूप से गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनके परिश्रम, समर्पण और विभाग के शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का परिणाम है। विभाग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी एवं पात्रता परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि विभाग के सभी शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि विभाग के विद्यार्थी आगामी समय में भी यूजीसी नेट, जेआरएफ सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी एवं पात्रता परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और आईजीएनटीयू एवं प्राचीन इतिहास विभाग की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
सात विद्यार्थियों की सफलता ने एक बार फिर यह साबित किया है कि उचित मार्गदर्शन, निरंतर परिश्रम और मजबूत अकादमिक वातावरण के बल पर विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन कर सकते हैं।


































































