भारत सरकार के निर्देशानुसार भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में संचालित विशेष अभियान 6 के क्रियान्वयन चरण के अंतर्गत स्वच्छता, कार्यालयीन सुव्यवस्था, अभिलेख प्रबंधन एवं उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में आज कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से कार्यालय परिसरों को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने के साथ-साथ कार्यस्थलों पर स्वच्छता और बेहतर कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
सिजुआ क्षेत्र में क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान आयोजित हुआ। इस दौरान कार्यालय परिसर की साफ-सफाई के साथ अनावश्यक सामग्रियों के निस्तारण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की गई। साथ ही, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव एवं रिकॉर्ड प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता, सुगमता एवं कार्यकुशलता को बढ़ावा दिया जा सके।
इसी क्रम में वाशरी डिवीजन के कार्यालय परिसर में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसके अंतर्गत फाइलों एवं अभिलेखों को व्यवस्थित करने के साथ-साथ उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अतिरिक्त, असैनिक (सिविल) विभाग द्वारा चिन्हित स्थानों पर साफ-सफाई का कार्य भी किया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य कार्यालय परिसर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाना तथा कार्यस्थल की उपयोगिता को बेहतर करना रहा।
कुसुंडा क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में भी स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यालय परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने की दिशा में पहल की गई। अभियान के माध्यम से कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता एवं अपने कार्यस्थल को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
विशेष अभियान 6 के अंतर्गत बीसीसीएल के अन्य क्षेत्रों एवं इकाइयों में भी स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन, अनावश्यक सामग्री के निस्तारण तथा कार्यालयीन स्थान के प्रभावी उपयोग से संबंधित विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई। आगामी दिनों में भी मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों में ई-कचरा प्रबंधन, कार्यस्थल सुधार, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रयासों का उद्देश्य स्वच्छता एवं सुव्यवस्था को दैनिक व्यवहार और संस्थागत कार्य-संस्कृति का स्थायी हिस्सा बनाना है।







































































