ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
एंकर आज प्रतिरक्षा अधिकारी सतीश ठाकुर द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किस प्रकार गरीब एवं निरपराध निर्धन व्यक्ति को किस प्रकार से विधिक सहायता मिल सकती है इस बारे में विस्तृत चर्चा करते हुए हमारी टीम को बताया गया कि समय-समय पर जिला जेल में बंद परिरुद्ध कैदियों से मुलाकात कर उनके आपराधिक रिकार्ड को देखकर उनसे बातचीत कर यदि प्राधिकरण को ऐसा लगता है कि यह व्यक्ति निरपराध है पर आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण न्याय से वंचित है तब हम उन्हें विधिक सहायता प्रदान करते हुए न्यायिक कार्य प्रणाली द्वारा उनकी सहायता कर इन्हें विधि द्वारा समुचित न्याय मिल सके ऐसी व्यवस्था प्राधिकरण के द्वारा की जाती है फिर भी यदि कोई व्यक्ति सादे कागज पर भी आवेदन कर हमसे विधिक सहायता की उम्मीद करता है तब भी प्राधिकरण द्वारा विचार कर उसकी सहायता की जाती




































