सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा: आस्था, सम्मान और सांस्कृतिक समन्वय का अविस्मरणीय संगम

---Advertisement---

छत्तीसगढ़ शासन की अभिनव पहल से एमसीबी जिले के विशिष्टजनों ने किये प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ के दर्शन, गुजरात सरकार ने किया भव्य स्वागत

एमसीबी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊर्जा प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा” एमसीबी जिले के विशिष्टजनों के लिये अविस्मरणीय अनुभव साबित हुई। यह यात्रा केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं रही बल्कि सांस्कृतिक समन्वय, राष्ट्रीय एकता और भारतीय परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बनी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे के विशेष प्रयासों से इस भव्य यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का उद्देश्य पद्म अलंकरण एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित विभूतियों सहित साहित्य, संस्कृति, कला एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्टजनों को देश के प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन कराना और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा से जोड़ना था।एमसीबी जिले में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लिंगराज सिदार के मार्गदर्शन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के जिला नोडल अधिकारी डॉ. विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में जिले के सभी चयनित विशिष्टजनों को मनेन्द्रगढ़ से विशेष वातानुकूलित बस द्वारा रायपुर रवाना किया गया। वहां से राज्य शासन द्वारा संचालित विशेष वातानुकूलित ट्रेन के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं की सोमनाथ यात्रा संपन्न कराई गई।।पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों के लिये उच्चस्तरीय व्यवस्थाएं की गई थीं। स्वादिष्ट भोजन, नाश्ता, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के साथ यात्रा को पूरी तरह व्यवस्थित बनाया गया। यात्रा के दौरान भजन, छत्तीसगढ़ी लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण निर्मित किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने यात्रियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़े रखा।

गुजरात के वेरावल (सोमनाथ) रेलवे स्टेशन पहुंचने पर गुजरात सरकार ने सभी विशिष्टजनों का ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक लोकनृत्य और आत्मीय स्वागत से अभिनंदन किया। इसके बाद वातानुकूलित बसों से होटल तक पहुंचाकर ठहरने और भोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। अगले दिन यात्रियों ने प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके साथ ही त्रिवेणी संगम, बाणस्तंभ, समुद्र तट और अन्य प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। संध्या बेला में मंदिर की भव्य आरती, लेजर शो और सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास की प्रस्तुति ने सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी सभी का मन मोह लिया।

दर्शन के बाद गुजरात सरकार की ओर से सभी विशिष्टजनों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया और वापसी के समय रेलवे स्टेशन पर भी गरिमामय विदाई दी गई।

यात्रा में जिला नोडल अधिकारी डॉ. विनोद कुमार पांडेय के साथ साहित्यकार वीरेंद्र श्रीवास्तव, सतीश उपाध्याय, पूर्व संसदीय सचिव चंपा देवी पावले, सरोज यादव, रामजीत लकड़ा, भगत बाबू, विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार, जनप्रतिनिधि और अन्य विशिष्टजन शामिल रहे। यात्रा के सफल संचालन में राज्य नोडल अधिकारी युगल तिवारी और संभागीय नोडल अधिकारी पुखराज गोस्वामी का विशेष योगदान रहा। यात्रा के अनुभव साझा करते हुए जिला नोडल अधिकारी डॉ. विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि सम्मान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, राष्ट्रीय एकता और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी सोमनाथ, अयोध्या, महाकालेश्वर जैसे पवित्र तीर्थस्थलों की ऐसी यात्राएं निरंतर आयोजित होती रहें ताकि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्टजन देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर से जुड़ सकें तथा राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक समन्वय की भावना को और अधिक मजबूती मिले।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

June 28, 2026

June 28, 2026

June 28, 2026

June 28, 2026

June 28, 2026

June 28, 2026

Leave a Comment