ओवरमेन ग्रेड-बी पदोन्नति में विसंगतियां दूर करने की उठी मांग
एटक ने एसईसीएल प्रबंधन को लिखा पत्र, स्वीकृत पद बढ़ाने और लंबित पदोन्नति शीघ्र देने की मांग
बिलासपुर। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक), एसईसीएल ने माइनिंग सरदार से ओवरमेन ग्रेड-बी पदोन्नति प्रक्रिया में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने और ओवरमेन ग्रेड-बी के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। संघ का कहना है कि वर्तमान पदोन्नति व्यवस्था के कारण योग्य एवं प्रमाणित कर्मचारियों को वर्षों से पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके कैरियर की प्रगति प्रभावित हो रही है।
संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक), एसईसीएल बिलासपुर के महासचिव अजय विश्वकर्मा ने एसईसीएल के शीर्ष प्रबंधन को पत्र भेजकर मांग की है कि माइनिंग सरदार (पीसीएसए ग्रेड-बी) से ओवरमेन संवर्ग में पदोन्नति की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर उसमें आवश्यक सुधार किए जाएं। साथ ही सभी क्षेत्रों में ओवरमेन ग्रेड-बी के स्वीकृत पदों में वृद्धि कर लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों का रास्ता साफ किया जाए।
उन्होंने कहा कि कोयला खदानों में कार्यरत अनेक माइनिंग सरदारों ने डीजीएमएस (DGMS) ओवरमेन सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया है और वे पदोन्नति के लिए पूरी तरह पात्र हैं। इसके बावजूद ओवरमेन ग्रेड-बी के सीमित स्वीकृत पदों के कारण उन्हें वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। इससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होने के साथ-साथ विभागीय कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
संघ के अनुसार पदोन्नति में हो रही देरी केवल कर्मचारियों के आर्थिक हितों को ही प्रभावित नहीं कर रही, बल्कि अनुभवी और प्रशिक्षित कर्मचारियों की क्षमता का भी समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। समय पर पदोन्नति मिलने से कर्मचारियों में कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा और उत्पादन के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक मजबूत होगी।
एटक ने अपने पत्र में प्रबंधन से मांग की है कि वर्तमान पदोन्नति नीति की व्यापक समीक्षा कर उसे अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और कर्मचारी हितैषी बनाया जाए। साथ ही सभी क्षेत्रों में ओवरमेन ग्रेड-बी के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाकर लंबे समय से प्रतीक्षारत पात्र कर्मचारियों को शीघ्र पदोन्नति प्रदान की जाए।
संघ ने उम्मीद जताई है कि एसईसीएल प्रबंधन कर्मचारियों की इस लंबे समय से लंबित मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर पदोन्नति प्रक्रिया को गति देगा, जिससे योग्य कर्मचारियों को उनका अधिकार मिल सके और संगठन की कार्यक्षमता भी बढ़े।

















