नगर परिषद अध्यक्ष के विकास के दावों की खुल रही पोल! भ्रमण के बाद भी वार्डों में काम शुरू नहीं, घोषणाएं बनीं हवा-हवाई
अमलाई कॉलरी स्टेडियम के नए गेट, खिलाड़ियों के लिए शौचालय और शनिवार हाट बाजार में शेड निर्माण की मांग अधूरी; अध्यक्ष और अध्यक्ष पति के निरीक्षण के बाद भी धरातल पर नहीं दिख रहा विकास कार्य
चार साल तक वार्डों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने का आरोप, अब बचे एक साल में विकास कार्यों को लेकर उठने लगे सवाल
अनूपपुर। जिले के नगर परिषद बरगवां-अमलाई में विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद अध्यक्ष गीता गुप्ता द्वारा हाल ही में वार्ड क्रमांक 6, 7, 8 और 9 का भ्रमण कर विभिन्न समस्याओं के निराकरण तथा विकास कार्यों को लेकर चर्चा की गई थी। इस दौरान अध्यक्ष पति भी उनके साथ मौजूद रहे। भ्रमण के दौरान कई आवश्यक कार्यों को लेकर बातें सामने आईं और व्यवस्थाओं में सुधार की बात कही गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर अब तक संबंधित कार्य शुरू होते दिखाई नहीं देने से लोगों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर निरीक्षण और घोषणाओं के बाद भी नगर के विकास कार्यों को गति क्यों नहीं मिल पा रही है?
अमलाई कॉलरी स्टेडियम में समस्याएं बरकरार
नगर परिषद बरगवां-अमलाई के वार्ड क्रमांक 7 स्थित अमलाई कॉलरी स्टेडियम में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की सुविधाओं को लेकर लंबे समय से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विगत दिनों नगर परिषद अध्यक्ष गीता गुप्ता ने स्टेडियम का भ्रमण किया था। इस दौरान स्टेडियम के पुराने गेट को हटाकर नया गेट लगवाने, खिलाड़ियों के लिए शौचालय भवन की व्यवस्था करने तथा परिसर में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी
इसके साथ ही स्टेडियम के अतिरिक्त भवन में शौचालय की व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गई थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि निरीक्षण के बाद इन समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। लेकिन अब तक इन कार्यों की शुरुआत होती दिखाई नहीं देने से व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के बीच निराशा देखी जा रही है।
खेल मैदान किसी भी क्षेत्र के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण स्थान होता है। यहां खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर परिषद की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। ऐसे में स्टेडियम के गेट, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं पर निर्णय के बाद भी काम शुरू नहीं होना सवाल खड़े करता है
शनिवार हाट बाजार में शेड निर्माण की बात भी अधूरी
नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 8 में प्रत्येक शनिवार को हाट बाजार लगता है, जहां दूर-दराज से व्यापारी अपनी दुकानें लगाने पहुंचते हैं। यह बाजार स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है। बाजार में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था और व्यापारियों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना आवश्यक है
बताया गया कि अध्यक्ष गीता गुप्ता ने हाट बाजार का भी भ्रमण किया था। इस दौरान साफ-सफाई में सुधार करने तथा व्यापारियों की सुविधा के लिए नए शेड भवन के निर्माण को लेकर चर्चा की गई थी। इससे व्यापारियों को धूप और बारिश से राहत मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, संबंधित कार्यों को लेकर अब तक कोई स्पष्ट प्रगति दिखाई नहीं देने से व्यापारियों की अपेक्षाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं
यदि हाट बाजार में शेड निर्माण और सफाई व्यवस्था को लेकर पहल की जाती है, तो इससे व्यापारियों के साथ-साथ बाजार पहुंचने वाले आम लोगों को भी सुविधा मिल सकती है। लेकिन केवल निरीक्षण और चर्चा से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, इसके लिए योजनाओं को धरातल पर उतारना जरूरी है।
चार साल के कार्यकाल पर उठ रहे सवाल
नगर परिषद बरगवां-अमलाई के वर्तमान कार्यकाल के लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद अब विकास कार्यों की गति और उपलब्धियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय समस्याओं के निराकरण और वार्डों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। ऐसे में लोगों की अपेक्षा रहती है कि जनप्रतिनिधि नियमित रूप से वार्डों का भ्रमण करें और नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कराएं
हाल ही में वार्ड क्रमांक 6, 7, 8 और 9 में अध्यक्ष तथा अध्यक्ष पति के भ्रमण के बाद जिन कार्यों को लेकर चर्चा हुई, उनकी प्रगति सामने नहीं आने से निरीक्षण की उपयोगिता पर प्रश्न उठ रहे हैं। हालांकि, वार्डों में पूर्व में हुए सभी कार्यों और वर्तमान में लंबित योजनाओं की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही विकास की वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन किया जा सकता है।
अब कार्यकाल का शेष लगभग एक वर्ष महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में यह देखना होगा कि नगर परिषद अध्यक्ष आगामी समय में वार्डों की समस्याओं के समाधान के लिए कितने ठोस कदम उठाती हैं और कितने विकास कार्य पूरे हो पाते हैं
अध्यक्ष पति की भूमिका को लेकर भी चर्चा
नगर परिषद के विभिन्न कार्यों और निरीक्षणों के दौरान अध्यक्ष पति की मौजूदगी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हो रही हैं। उठ रहे सवालों के बीच यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि नगर परिषद के विकास कार्यों से संबंधित निर्णय, प्रशासनिक प्रक्रिया और जिम्मेदारियां नियमानुसार निर्वाचित अध्यक्ष तथा संबंधित निकाय के माध्यम से ही संचालित हों
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का आरोप है कि नगर परिषद के कामकाज में अध्यक्ष पति की भूमिका के कारण निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है और विकास कार्यों को अपेक्षित गति नहीं मिल पाती। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में अध्यक्ष गीता गुप्ता और नगर परिषद प्रशासन का पक्ष सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
घोषणाओं से आगे बढ़कर धरातल पर काम करने की जरूरत
नगर परिषद क्षेत्र में विकास का आकलन केवल भ्रमण, निरीक्षण और घोषणाओं के आधार पर नहीं किया जा सकता। इसके लिए जरूरी है कि वार्डों में चिन्हित समस्याओं के समाधान की समयसीमा तय हो, बजट और स्वीकृति की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा कार्यों की नियमित निगरानी की जाए
अमलाई कॉलरी स्टेडियम में नए गेट और शौचालय की व्यवस्था हो या शनिवार हाट बाजार में शेड निर्माण तथा साफ-सफाई का मामला, इन सभी कार्यों का सीधा संबंध आम नागरिकों, खिलाड़ियों और व्यापारियों की सुविधाओं से है। इसलिए नगर परिषद प्रशासन को चाहिए कि लंबित कार्यों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे और जहां आवश्यक हो, वहां शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करे
अब देखना यह होगा कि नगर परिषद अध्यक्ष गीता गुप्ता के हालिया भ्रमण के बाद संबंधित समस्याओं का निराकरण कब तक होता है। क्या शेष कार्यकाल में वार्डों को ठोस विकास कार्यों की सौगात मिलेगी या फिर निरीक्षण के दौरान कही गई बातें कागजों और चर्चाओं तक ही सीमित रह जाएंगी






































































