मुंशी प्रेमचंद जयंती पर सजी साहित्यिक महफिल, कवियों ने बांधा समां
भालूमाड़ा में प्रगतिशील लेखक संघ का आयोजन, व्याख्यान, काव्यपाठ और सम्मान समारोह ने छोड़ी गहरी छाप

जमुना कोतमा भालूमाड़ा हिंदी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर कोयलांचल नगरी भालूमाड़ा में प्रगतिशील लेखक संघ के तत्वावधान में एक भव्य साहित्यिक आयोजन संपन्न हुआ। साहित्य प्रेमी मोहम्मद यासीन खान के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकारों, कवियों, पत्रकारों और साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजन दो सत्रों में संपन्न हुआ, जिसमें पहले सत्र में मुंशी प्रेमचंद के साहित्य और उनके सामाजिक सरोकारों पर व्याख्यान हुआ, जबकि दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन ने देर तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किए रखा
कार्यक्रम के प्रथम सत्र की अध्यक्षता रामनारायण पांडेय ने की। इस दौरान विजेंद्र सोनी सहित अन्य वक्ताओं ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य, सामाजिक चेतना, समानता, मानवता और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है और उनकी रचनाएं सामाजिक बदलाव की प्रेरणा देती हैं। उपस्थित श्रोताओं ने विचारों की सराहना करते हुए साहित्य और समाज के संबंधों पर सार्थक चर्चा की
द्वितीय सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन की अध्यक्षता राजेंद्र सिंह ने की। सम्मेलन में हास्य, व्यंग्य, ओज, गीत और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ हुआ। कवियों ने अपनी प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ हास्य कवि एवं कोलरी सेवा से सेवानिवृत्त मोहम्मद सफी का शाल एवं सम्मान प्रतीक भेंट कर सम्मानित किया गया
कवि सम्मेलन में मकबूल अहमद दर्द, विजेंद्र सोनी, कैलाश पाटकर, रामनारायण पांडेय, बालगंगाधर सेंगर, डॉ. असीम मुखर्जी, धर्मेंद्र मिश्रा राही पोखरियाल, सफी अहमद, दादूवाल, अमरेंद्र सिंह परिहार, अविनाश अग्रवाल, धीरेन्द्र नाहर और सुश्री सुष्मा कैथल सहित अनेक कवियों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं का पाठ किया
कार्यक्रम का सफल संचालन मोहम्मद यासीन खान ने किया। उन्होंने बताया कि साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि अब प्रत्येक माह कोतमा, जमुना, गोविंदा, भालूमाड़ा, बदरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में नियमित काव्य गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि स्थानीय साहित्यकारों को मंच मिल सके और साहित्यिक वातावरण को नई ऊर्जा प्राप्त हो
कार्यक्रम में पेंशनर्स एसोसिएशन के संयोजक राजेंद्र सिंह, भूपत सिंह, मोहन मिश्रा, अमित जायसवाल सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। वहीं पत्रकार संतोष चौरसिया, सुरेश शर्मा और राकेश मिश्रा ने कार्यक्रम का कवरेज किया
https://youtu.be/_YxRj_U0oD8?si=IuwR1wrrB4MymwX2
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर आयोजित यह साहित्यिक आयोजन न केवल उनकी साहित्यिक विरासत को याद करने का अवसर बना, बल्कि क्षेत्र में साहित्यिक चेतना को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन भी साबित हुआ
















