मदद से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े 32 कदम: अर्पिता महिला मंडल ने जरूरतमंदों को बांटे सब्जी और चाट के ठेले
रोजगार का साधन देकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सशक्त बनाने की पहल, किराना सामग्री और खाद्य पैकेट भी किए वितरित
रांची। जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सहायता देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल ने एक सराहनीय पहल की है। बुधवार, 2 सितंबर 2026 को आयोजित कल्याणकारी कार्यक्रम में चयनित 32 जरूरतमंद लाभार्थियों को सब्जी एवं चाट के ठेले प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका का अवसर उपलब्ध कराना है।
यह कार्यक्रम अर्पिता महिला मंडल, सीसीएल रांची की अध्यक्षा श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष सहित मुख्यालय तथा सभी 15 महिला समितियों की सक्रिय सहभागिता रही। महिला मंडल के सदस्यों के सहयोग से जरूरतमंदों को रोजगार का साधन उपलब्ध कराने की इस पहल को मूर्त रूप दिया गया।
सिर्फ सहायता नहीं, रोजगार का साधन उपलब्ध कराने पर जोर
अर्पिता महिला मंडल की इस पहल की खास बात यह रही कि लाभार्थियों को केवल आर्थिक सहायता अथवा आवश्यक सामग्री देकर तत्काल राहत तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए ठेले उपलब्ध कराए गए। सब्जी एवं चाट का ठेला मिलने से लाभार्थी अपने स्तर पर छोटा व्यवसाय शुरू कर सकेंगे और प्रतिदिन की आय अर्जित कर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
इस अवसर पर अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती प्रीति सिंह ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्हें रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना उससे भी अधिक प्रभावी प्रयास है। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी किसी परिवार के लिए स्थायी आजीविका और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।
तत्काल जरूरतों के लिए किराना सामग्री और खाद्य पैकेट भी वितरित
स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही महिला मंडल ने लाभार्थियों की तत्काल आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंदों के बीच किराना सामग्री से भरे बैग एवं खाद्य पैकेट वितरित किए गए। इससे लाभार्थियों को रोजगार शुरू करने के साथ-साथ कुछ समय के लिए आवश्यक घरेलू एवं खाद्य सामग्री की सहायता भी मिल सकी।
15 महिला समितियों की सहभागिता ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय सहित सभी 15 महिला समितियों की सक्रिय सहभागिता रही। सामूहिक सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने सेवा, सहयोग, सामाजिक उत्तरदायित्व और महिला सशक्तिकरण की भावना को मजबूती प्रदान की। महिला मंडल की इस पहल से लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और भविष्य को लेकर नई उम्मीद नजर आई।
लाभार्थियों ने अर्पिता महिला मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें ठेला मिलने से अब वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। इससे उन्हें अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए नियमित आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। लाभार्थियों ने इस सहयोग को आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सेवा के साथ सम्मानजनक आजीविका का संदेश
अर्पिता महिला मंडल की यह पहल केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक आजीविका और आत्मनिर्भरता का अवसर देने का संदेश देती है। स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को अपने पैरों पर खड़ा करने का यह प्रयास सामाजिक सरोकारों के प्रति महिला मंडल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस पहल से न केवल 32 परिवारों को रोजगार का साधन मिलने की उम्मीद है, बल्कि यह समाज में जरूरतमंदों की सहायता के लिए ‘सहायता से आत्मनिर्भरता’ की सोच को भी प्रोत्साहित करता है। अर्पिता महिला मंडल द्वारा किए गए इस प्रयास को सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक और अनुकरणीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।

































































