कुसमुण्डा परियोजना से 41 HEMM ऑपरेटरों का तबादला विवादों में, इंटक ने तत्काल निरस्तीकरण की उठाई मांग

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कुसमुण्डा परियोजना से 41 HEMM ऑपरेटरों का तबादला विवादों में, इंटक ने तत्काल निरस्तीकरण की उठाई मांग

ऑपरेटरों की पहले से कमी, उत्पादन पर पड़ सकता है असर — बी.एल. महंत (राजवीर) का प्रबंधन को पत्र


कोरबा/कुसमुण्डा।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुण्डा परियोजना में 41 HEMM (हेवी अर्थ मूविंग मशीन) ऑपरेटरों के स्थानांतरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (इंटक) के कुसमुण्डा क्षेत्र अध्यक्ष बी.एल. महंत (राजवीर) ने इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई है।

महंत ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक को लिखे पत्र में कहा कि कुसमुण्डा परियोजना, जो विश्व की चौथी सबसे बड़ी कोयला खदान मानी जाती है, ने वर्ष 2025-26 में विषम परिस्थितियों के बावजूद कर्मचारियों की मेहनत और निष्ठा के बल पर 32.70 मिलियन टन कोयला उत्पादन हासिल किया है। उन्होंने बताया कि स्वयं SECL प्रबंधन भी कई बार स्वीकार कर चुका है कि परियोजना में HEMM ऑपरेटरों की भारी कमी है, जिसके कारण कई महंगी मशीनें खड़ी रहती हैं और उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इतनी बड़ी मेगा परियोजना होने के बावजूद कुसमुण्डा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, फिर भी यहां के कर्मचारी पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में ऑपरेटरों का अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरण करना न केवल अनुचित है, बल्कि उत्पादन क्षमता पर भी सीधा प्रभाव डाल सकता है।

हाल ही में SECL मुख्यालय बिलासपुर द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश में कुसमुण्डा परियोजना के 34 डम्पर ऑपरेटर और 7 ड्रिल ऑपरेटर, कुल 41 HEMM ऑपरेटरों का गेवरा क्षेत्र में स्थानांतरण किया गया है। इस निर्णय को श्रमिक संगठन ने “दुर्भाग्यपूर्ण और अव्यावहारिक” बताया है।

इंटक नेता बी.एल. महंत ने चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश को तत्काल निरस्त नहीं किया गया तो वर्ष 2026-27 के उत्पादन लक्ष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने प्रबंधन से मांग की है कि कुसमुण्डा परियोजना की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए श्रमिक हित और उत्पादन संतुलन बनाए रखा जाए।


कुसमुण्डा जैसी विशाल परियोजना में ऑपरेटरों की कमी पहले से एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण का निर्णय उत्पादन और प्रबंधन दोनों के लिए चुनौती खड़ी कर सकता है। अब देखना होगा कि प्रबंधन इस पर क्या निर्णय लेता है।

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