जमुना-भालूमाड़ा में जाम का झाम, घंटों फंसे रहते हैं वाहन; बसों को शहर के बाहर से चलाने की मांग
नवरात्रि में बढ़ी भीड़ से यातायात व्यवस्था पर दबाव, नागरिकों ने नगर और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की उठाई मांग
जमुना-भालूमाड़ा, अनूपपुर। अनूपपुर जिले की नगर पालिका परिषद पसान के अंतर्गत आने वाले जमुना और भालूमाड़ा क्षेत्र में भारी वाहनों तथा यात्री बसों की आवाजाही के कारण जाम की समस्या लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। मुख्य मार्गों पर घंटों जाम लगने से आम नागरिकों, राहगीरों और वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में नवरात्रि का पर्व चल रहा है, जिसके चलते बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए बसों के मार्ग में बदलाव करने की आवश्यकता है। लोगों ने मांग की है कि प्रतिदिन बाजार क्षेत्र से होकर इलाहाबाद, खागा, बनारस और पटना सहित अन्य स्थानों की ओर जाने वाली डबल डेकर बसों को शहर के बाहर से संचालित किया जाए। इसके साथ ही जमुना, कोऑपरेटिव और भालूमाड़ा गोल बाजार के रास्ते से गुजरने वाली पक्षीराज बसों को भी वैकल्पिक बाहरी मार्ग से चलाने की व्यवस्था की जाए, ताकि बाजार क्षेत्र में जाम की स्थिति से राहत मिल सके।
बाजार मार्ग पर बसों की आवाजाही से बढ़ता यातायात दबाव
जमुना और भालूमाड़ा क्षेत्र कोयलांचल के महत्वपूर्ण आवागमन केंद्र हैं। यहां बाजार, आवासीय बस्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारण दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में भारी वाहनों और यात्री बसों के बाजार के बीच से गुजरने पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बसों को शहर के बाहर से संचालित करने की व्यवस्था लागू होने पर बाजार क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम हो सकता है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ दुकानदारों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
नवरात्रि में बढ़ी भीड़, व्यवस्था सुधारने की जरूरत
नवरात्रि के दौरान क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में जाम की समस्या श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा कर सकती है। नागरिकों का कहना है कि पर्व को देखते हुए प्रशासन को विशेष यातायात व्यवस्था बनानी चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से जाम में न फंसना पड़े और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी बाधित न हो।
वीडियो में दिखाई दे रही जाम की स्थिति
जमुना-भालूमाड़ा क्षेत्र में जाम की स्थिति से संबंधित वीडियो में सड़क पर वाहनों की भीड़ और आवागमन में हो रही परेशानी देखी जा सकती है। इस स्थिति को देखते हुए नागरिकों ने नगर प्रशासन और जिला प्रशासन से समस्या को गंभीरता से लेने तथा स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
बाहरी मार्ग से बस संचालन की मांग
नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग क्षेत्र का निरीक्षण कर यातायात दबाव का आकलन करें। इसके बाद लंबी दूरी की बसों के लिए उपयुक्त वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए। साथ ही बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने, आवश्यक स्थानों पर यातायात कर्मियों की तैनाती और पर्व के दौरान विशेष व्यवस्था करने पर भी विचार किया जाए।
अब देखना होगा कि नगर पालिका परिषद पसान और जिला प्रशासन नागरिकों की इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि समय रहते उचित व्यवस्था लागू होने से जमुना और भालूमाड़ा में जाम की समस्या से राहत मिलेगी और यातायात अधिक सुगम हो सकेगा।






































































