जल गंगा संवर्धन अभियान: अनूपपुर व पसान में ‘जल शक्ति से नवभक्ति’ पहल के तहत जल मंदिर प्याऊ की स्थापना

---Advertisement---

अनूपपुर।

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में जल संरक्षण और जनसेवा की दिशा में सराहनीय पहल की जा रही है। इसी क्रम में नगर विकास प्रस्फुटन समिति अनूपपुर द्वारा सेक्टर क्रमांक 01 स्थित त्रिमूर्ति मड़िया में “जल शक्ति से नवभक्ति जल मंदिर (प्याऊ)” की स्थापना की गई। कार्यक्रम की शुरुआत वार्ड क्रमांक 06 के पार्षद गणेश रौतेल एवं मंदिर के पंडित जी द्वारा गंगा मैया का आह्वान कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद समिति सदस्यों, स्थानीय महिलाओं, पुरुषों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जल संरक्षण और जनसेवा का संदेश दिया।

 

इस पहल के तहत पारंपरिक जल पात्रों के माध्यम से राहगीरों को शुद्ध एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में आयोजक सचिव शिवांशु रंजन, सदस्य लक्ष्मी क्षत्रिय, प्रिया सरावगी, राजकुमारी पहाड़े, मंजुलता, परामर्शदाता शारदा चौरसिया, विक्रम सिंह सहित सीएमसीएलडीपी छात्रों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

 

इसी अभियान के अंतर्गत विकासखंड अनूपपुर के सेक्टर क्रमांक 04 में नवांकुर संस्था पसान द्वारा भी शिव मंदिर परिसर के समीप मुख्य बाजार क्षेत्र में निःशुल्क प्याऊ सेवा प्रारंभ की गई। भीषण गर्मी को देखते हुए राहगीरों को शीतल जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह सेवा शुरू की गई, जिसे सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक बताया गया।

 

इस कार्यक्रम में नवांकुर संस्था की सचिव अन्नपूर्णा देवी, परामर्शदाता शिवानी सिंह, बीएमएस कार्यकारिणी अध्यक्ष संजय सिंह, भाजपा मंडल पसान उपाध्यक्ष सचिन जायसवाल, वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद विकास जायसवाल, प्रस्फुटन समिति पसान एवं भालूमाड़ा के सदस्य, सीएमसीएलडीपी छात्र पारस मुखर्जी, मालती वर्मा, ईश्वरी देवांगन, अंजलि जायसवाल, अमीषा सिंह सहित अनेक स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा जल की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया गया। सभी ने मिलकर संकल्प लिया कि गर्मी के मौसम में सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था कर राहगीरों की सेवा करेंगे और जल बचाने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे। आयोजकों ने कहा कि “जल ही जीवन है” और जल का संरक्षण ही भविष्य को सुरक्षित रखने का सबसे बड़ा माध्यम है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

April 16, 2026

April 16, 2026

April 16, 2026

April 16, 2026

April 16, 2026

April 16, 2026

Leave a Comment