जब तक 12वां वेतन समझौता लागू नहीं होता, जारी रहेगा संघर्ष : बीएमएस

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जब तक 12वां वेतन समझौता लागू नहीं होता, जारी रहेगा संघर्ष : बीएमएस

जमुना-कोतमा क्षेत्र में बीएमएस की गेट मीटिंग, रोशन उपाध्याय और विजय सिंह ने दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

जमुना-कोतमा। 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (जेबीसीसीआई-12) के गठन एवं शीघ्र वेतन समझौता लागू करने की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ ने शुक्रवार को एसईसीएल के जमुना-कोतमा क्षेत्र में जोरदार गेट मीटिंग आयोजित की। गेट मीटिंग में बड़ी संख्या में बीएमएस कार्यकर्ता एवं कोयला श्रमिक शामिल हुए। श्रमिकों ने 12वें वेतन समझौते में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक समझौता लागू नहीं किया जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री रोशन उपाध्याय ने कहा कि कोयला श्रमिक वर्षों से 12वें वेतन समझौते का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक जेबीसीसीआई-12 का गठन नहीं होना लाखों श्रमिकों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन की ओर से धरना-प्रदर्शन स्थगित करने की अपील की गई है, लेकिन श्रमिकों की न्यायोचित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। जब तक 12वां वेतन समझौता लागू नहीं होता, तब तक बीएमएस अपने आंदोलन को किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेगा।

जमुना-कोतमा क्षेत्र के अध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि वेतन समझौते में हो रही देरी से श्रमिकों और उनके परिवारों में भारी असंतोष है। उन्होंने कहा कि यह केवल वेतन का नहीं बल्कि श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों का प्रश्न है। यदि प्रबंधन जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

क्षेत्रीय नेता सरजू ने कहा कि बीएमएस किसी दबाव में आने वाला संगठन नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक 12वां वेतन समझौता लागू नहीं होगा, तब तक गेट मीटिंग, जनजागरण अभियान और चरणबद्ध आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने सभी श्रमिकों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा जारी पत्र में औद्योगिक शांति बनाए रखने और मानसून के दौरान उत्पादन प्रभावित नहीं होने देने की अपील की गई है, लेकिन श्रमिकों की सबसे बड़ी मांग—12वें वेतन समझौते—पर अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। श्रमिकों का कहना है कि लंबे समय से लंबित वेतन समझौते के कारण लाखों कर्मचारियों का आर्थिक हित प्रभावित हो रहा है।

बीएमएस नेताओं ने कहा कि कोयला उद्योग देश की ऊर्जा व्यवस्था की रीढ़ है और इस उद्योग को आगे बढ़ाने में श्रमिकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में श्रमिकों के हितों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि “जब तक 12वां वेतन समझौता लागू नहीं होता, तब तक संघर्ष और चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।”

गेट मीटिंग में सैकड़ों बीएमएस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में 12वें वेतन समझौते को तत्काल लागू करने की मांग उठाई तथा चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तेज किया जाएगा।

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