एक जुलाई को मांग दिवस मनाएंगे कोयला श्रमिक संगठन: रमेंद्र कुमार
• जेबीसीसीआई गठन की मांग
• अतिक्रमण हटाओ अभियान का भी किया विरोध

आसनसोल 19 जून ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड, एटक से संबद्ध श्रमिक संगठन -कोलियरी मजदूर सभा की ओर से शुक्रवार को सी एम एस कार्यालय आसनसोल में संगठन के वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित थे एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा इंडियन माइंस वर्कर फेडरेशन के महामंत्री पूर्व सांसद कामरेड रामेंद्र कुमार, एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा इंडियन माइंस वर्कर फेडरेशन के संयुक्त महा सचिव कामरेड हरिद्वार सिंह अपने बक्तब्य में कामरेड रमेंद्र कुमार ने कोल इंडिया प्रबंधन की नीतियों और विभिन्न कोलियरी क्षेत्रों में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर अपनी बात रखी।
उन्होंने बताया कि 5मई कोल इंडिया मुख्यालय कोलकाता में अपेक्स जेसीसी में कोल इंडिया प्रबंधन और सभी श्रमिक संगठनों के बीच एक साझा बैठक हुई थी, जिसमें जेबीसीसीआई (ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर कोल इंडस्ट्री) के गठन का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन प्रबंधन की ओर से इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने के कारण सभी श्रमिक संगठनों ने 1 जुलाई को पूरे कोल इंडिया के साथ-साथ तेलंगाना की सिंगरैनी कोयला खदान कंपनी में मांग दिवस मनाने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि इस दिन कोल इंडिया प्रबंधन से जल्द से जल्द जेबीसीसीआई के गठन की मांग की जाएगी। यदि इसके बाद भी प्रबंधन उनकी मांगों को अनदेखा करता है, तो सभी श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
वहीं, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) सहित विभिन्न कोलियरी क्षेत्रों में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कई परिवार पिछले 60-70 वर्षों से इन इलाकों में रह रहे हैं और उनकी कई पीढ़ियां वहीं पली-बढ़ी हैं। ऐसे में अचानक उन्हें वहां से हटाना उचित नहीं है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रांची में सीसीएल द्वारा इसी तरह की कार्रवाई करने का प्रयास किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों के तीव्र आंदोलन के बाद प्रबंधन को पीछे हटना पड़ा और अभियान को रोकना पड़ा। कामरेड हरिद्वार सिंह ने एटक के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोयला मजदूरों के हक और बुनियादी अधिकार को लेकर कंपनी के जमाने से हमारा संगठन मजदूरों की इकाई बनाकर मालिकों के खिलाफ लड़ती रही है बाद में सन 73 में कोयला खदान का राष्ट्रीयकरण हुआ और आज केंद्र में बैठी हुई भाजपा सरकार कोयला खदानों को एमडीओ मोड़ के तहत एक-एक करके कोयला खदान को अंबानी – अडानी जैसे अपने कॉर्पोरेट मित्रों को सौंप रही है हमारा श्रमिक संगठन यह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा, चार लेबर कोड लाकर मजदूरों के अधिकार को खत्म करने की पुरजोर साजिश केंद्र सरकार द्वारा रचा जा रहा है इससे मजदूरों का हक छीना जाएगा मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश हो रही है इसके खिलाफ एटक को आगे आकर मजदूरों को लामबंद कर लड़ाई ,संघर्ष करने की जरूरत है हमारा एनसीडब्ल्यू ए 11 , 30 जून को समाप्त हो रहा है 12 वेतन बोर्ड 1 जुलाई से आरंभ होने जा रही है लेकिन कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा अभी तक जेबीसीसीआई कमेटी की गठन नहीं की गई है कोल इंडिया प्रबंधन की मनसा साफ है मजदूरों का वेतन बोर्ड से वंचित करना लेकिन हम लोग 1 जुलाई को पूरे देश में मांग दिवस पालन करेंगे और अपनी वार्ता को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे कि हमारा 12वां वेतन बोर्ड अवीलंब लागू किया जाए ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड में हमारा संगठन काफी सक्रिय है और बाकी सभी यूनियन से बात करें जो क्षेत्रीय यूनियन है जो केंद्रीय ट्रेड यूनियन है उनको लेकर 1 तारीख के आंदोलन को पुरजोर तरीके से पालन करें इस मौके पर कोलियरी मजदूर सभा के साधारण सचिव कामरेड गुरदास चक्रवर्ती, संयुक्त सचिव अनिल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव शैलेंद्र सिंह, सचिव अखिलेश कुमार सिंह, अमर सिंह,राजेंद्र राम, जोगेंद्र प्रसाद, रमेश सिंह, दिलीप दास मानिकपुरी, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल शरण ओझा ,उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, प्रद्युत चक्रवर्ती, शनिचार तुरी, विजय मंडल, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे



































