एचसीएम मॉड्यूल से मानव संसाधन प्रबंधन होगा और अधिक पारदर्शी व प्रभावी
सीसीएल मुख्यालय में सैप/ईआरपी प्रशिक्षण कार्यक्रम, 70 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने और डिजिटल मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एमटीसी, एचआरडी में सैप/ईआरपी के ह्यूमन कैपिटल मैनेजमेंट (एचसीएम) मॉड्यूल पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों से आए लगभग 70 नोडल अधिकारियों एवं संबंधित सहायक कर्मचारियों ने भाग लेकर एचसीएम प्रणाली की बारीकियों को समझा।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाप्रबंधक (ईई) एस. के. ठाकुर, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक तथा विभागाध्यक्ष (औद्योगिक संबंध) पल्लब चक्रवर्ती की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र का संचालन कोल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) अशोक पाल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को एचसीएम मॉड्यूल की विभिन्न प्रक्रियाओं, उपयोगिता और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक ने कहा कि बदलते तकनीकी परिवेश में मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्रणालियों का बेहतर उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एचआरडी विभाग कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि, कौशल विकास और प्रणालीगत सुधार के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा, जिससे संगठन की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (ईई) एस. के. ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संगठन की सफलता उसके कर्मचारियों की दक्षता और तकनीकी समझ पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से न केवल कार्यों में पारदर्शिता आती है, बल्कि समयबद्ध निष्पादन, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ती है। आधुनिक डिजिटल प्रणालियों का प्रभावी उपयोग संगठन को अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को लाइव डेमो, व्यावहारिक उदाहरणों और संवादात्मक चर्चा के माध्यम से एचसीएम मॉड्यूल की विभिन्न प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिससे उन्हें वास्तविक कार्य परिस्थितियों में प्रणाली के उपयोग की बेहतर समझ प्राप्त हुई।
प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के तकनीकी प्रशिक्षण से दैनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी तथा मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेंगी। सीसीएल प्रबंधन ने भविष्य में भी कर्मचारियों के कौशल विकास और डिजिटल कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।




























































