जैतहरी।
संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन (सीटू) की पहल से दो वर्षों से लंबित मजदूरी का भुगतान होने पर श्रमिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मामला रुंगटा माइंस, ओडिशा का है, जहां श्रमिक जमुना प्रसाद राठौर सहित कुल 14 श्रमिकों की लंबे समय से मजदूरी बकाया थी। यूनियन के प्रयासों से श्रमिकों को कुल ₹10,70,971 (दस लाख सत्तर हजार नौ सौ इकहत्तर रुपये) का भुगतान कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकाया मजदूरी के भुगतान को लेकर श्रम न्यायालय, शहडोल में प्रकरण दायर किया गया था। यूनियन की पहल और कानूनी प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रकरण का समझौते के माध्यम से निराकरण हुआ और श्रमिकों को उनकी बकाया मजदूरी प्राप्त हुई।
इस सफलता से श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से अपनी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार कर रहे श्रमिकों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।
संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन (सीटू) ने श्रमिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए एक बार फिर यह संदेश दिया है कि संगठित प्रयासों से मजदूरों को न्याय दिलाया जा सकता है।
इस प्रकरण में यूनियन के अध्यक्ष कामरेड जुगुल किशोर राठौर तथा अधिवक्ता सुनील कुमार श्रीवास्तव और मृगेंद्र सिंह की भूमिका सराहनीय रही है।
यूनियन का संकल्प है कि श्रमिकों की बकाया मजदूरी, उनके अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन (सीटू), जैतहरी, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश।







































































