- आतिशबाजी, बैंड-बाजे और डीजे की धुन पर झूमे श्रद्धालु, पवन कुमार चीनी ने की मां की दिव्य आरती; 45 वर्षों से चली आ रही परंपरा।
अमलाई। नगर के शनिचरी बाजार में मां त्रिपुर सुंदरी नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा मां भगवती की प्रतिमा का भव्य विसर्जन समारोह श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। विसर्जन कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे नगर में माता रानी के जयकारों, बैंड-बाजे, डीजे की धुन और आकर्षक आतिशबाजी के बीच भक्तिमय माहौल बना रहा। रंग-बिरंगी लाइटों से सजे विसर्जन जुलूस ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। आयोजन में उमड़ी भीड़ और भव्य सजावट ने इस वर्ष के विसर्जन को अमलाई नगर के लिए यादगार बना दिया।
दुर्गा मंदिर चौराहे पर पवन कुमार चीनी ने की मां भगवती की दिव्य आरती
विसर्जन यात्रा के दौरान दुर्गा मंदिर चौराहे पर पवन कुमार चीनी द्वारा मां भगवती की दिव्य आरती की गई। इस अवसर पर उन्होंने मां भगवती एवं श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा भी की। हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना करते हुए माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मां के जयकारों से क्षेत्र गूंजायमान रहा और श्रद्धालुओं ने भावुक मन से मां भगवती को अगले वर्ष पुनः आगमन का निमंत्रण देते हुए विदाई दी।
हर वर्ष नए स्वरूप और साज-सज्जा से आकर्षण का केंद्र बनती है समिति
मां त्रिपुर सुंदरी नवदुर्गा उत्सव समिति शनिचरी बाजार की विशेष पहचान उसकी अनूठी साज-सज्जा और भव्य आयोजनों को लेकर बनी हुई है। समिति द्वारा हर वर्ष मां की प्रतिमा, सजावट और विसर्जन की व्यवस्था में नए प्रयोग किए जाते हैं। आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य झांकियां और व्यवस्थित आयोजन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनते हैं। इसी परंपरा के चलते समिति का आयोजन नगर में विशेष चर्चा का विषय बना रहता है।
समिति द्वारा नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। धार्मिक आस्था, सामूहिक सहभागिता और सेवा भावना के साथ समिति वर्षों से अपनी परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
करीब 45 वर्षों से विराजमान हो रही हैं मां दुर्गा
शनिचरी बाजार में मां दुर्गा की स्थापना की परंपरा करीब 45 वर्षों से चली आ रही है। इतने लंबे समय से श्रद्धालु यहां मां भगवती की आराधना करते आ रहे हैं। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा ने क्षेत्र के लोगों की आस्था को मजबूत किया है। नवरात्रि के दौरान पूजा-अर्चना और विसर्जन समारोह में श्रद्धालुओं की भागीदारी इस आयोजन के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा को दर्शाती है।
मां भगवती की सेवा-पूजा पंडित राहुल मिश्रा द्वारा संपन्न कराई गई। समिति के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं की सहभागिता और भक्तिमय वातावरण के बीच मां भगवती की विदाई संपन्न हुई। पूरे आयोजन में भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली।
समिति के इन सदस्यों का रहा योगदान
भव्य विसर्जन समारोह को सफल बनाने में समिति के सदस्य मुकेश राय, नीरज मिश्रा, राधेश्याम शुक्ल, नितिन मिश्रा, प्रकाश राय, आशिक भाई जान, श्याम दास, भुवनेश्वर केवट, खेलावन केवट, विकास राय, संदीप पनिका, सुमित पनिका, अमित पनिका, अमन पनिका, सुनील दास, अभी शुक्ला, किशन मोहम्मद, विरोज मोहम्मद, फिरोज प्रभाकर, दिनेश यादव, नाथू दास, बिंदेश्वरी, गोपाल पनिका, अश्वनी सिंह, संतोष निगम, अशोक रजक, मोहित राय, मेवा लाल पटेल, आकाश सोनी और निखिल सिंह सहित अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
मां भगवती की विदाई के साथ पूरा शनिचरी बाजार भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने माता रानी से अगले वर्ष पुनः पधारने की प्रार्थना की और जय माता दी के जयकारों के साथ मां को भावभीनी विदाई दी।






































































