अमरकंटक पहुंचे फिनलैंड के निक्लस पाल्डेनियस , अब पैदल शुरू की नर्मदा तट की यात्रा

---Advertisement---

अमरकंटक पहुंचे फिनलैंड के निक्लस पाल्डेनियस , अब पैदल शुरू की नर्मदा तट की यात्रा

शांतिकुटी आश्रम में सप्ताहभर रुके , अमरकंटक की प्राकृतिक सुंदरता और लोगों के प्रेम से हुए अभिभूत

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र धार्मिक नगरी अमरकंटक की प्राकृतिक सुंदरता , आध्यात्मिक वातावरण और यहां के लोगों का प्रेम देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है । इसी कड़ी में फिनलैंड के मिक्केली शहर निवासी 25 वर्षीय निक्लस पाल्डेनियस पिछले एक सप्ताह से अमरकंटक प्रवास पर थे । शांतिकुटी आश्रम में ठहरने के बाद शनिवार की सुबह वे नर्मदा के दक्षिणी तट से पैदल यात्रा पर आगे के लिए रवाना हो गए

निक्लस ने बताया कि अमरकंटक आने के बाद उन्हें यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण बेहद पसंद आया । यहां के लोगों से उन्हें भरपूर प्रेम और आत्मीयता मिली । शांतिकुटी आश्रम में ठहरने की व्यवस्था भी उन्हें काफी अच्छी लगी । उन्होंने कहा कि अमरकंटक में बिताया गया समय उनके लिए आनंददायक और यादगार रहेगा

उन्होंने बताया कि उनकी इच्छा मां नर्मदा के तट के किनारे-किनारे पैदल यात्रा करने की है । इसी उद्देश्य से वे शनिवार सुबह दक्षिणी तट से अपनी यात्रा पर निकल पड़े । फिलहाल उनकी योजना पैदल चलते हुए पहले जबलपुर तक पहुंचने की है । आगे की यात्रा परिस्थितियों और समय के अनुसार तय करेंगे

निक्लस ने कहा कि भारत आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा है । वे थोड़ी-थोड़ी हिंदी भी समझ लेते हैं , जिससे स्थानीय लोगों के साथ संवाद करने में उन्हें मदद मिलती है । अमरकंटक में मिले स्नेह और सहयोग को याद करते हुए उन्होंने शांतिकुटी आश्रम के संतों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि आश्रम के सेवक शिवांश ठाकुर ने हमारी खूब मदद की उन्हें भी आभार

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इंडिया आया तो अमरकंटक अवश्य आऊंगा

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment