अमरकंटक के जमुनादादर में बहेगी श्रीमद्भागवत की रसधारा , निकली विशाल कलश यात्रा
28 सितंबर से 5 अक्टूबर तक पंडित धीरजकृष्ण शास्त्री जी कराएंगे कथा श्रवण
संवाददाता / श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में धार्मिक आस्था और भक्ति का वातावरण इन दिनों और अधिक भक्तिमय हो गया है । अमरकंटक के वार्ड 15 जमुनादादर स्थित नर सिंह श्याम परिवार के निज निवास में 28 सितंबर से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ । यह धार्मिक आयोजन 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगा , जिसमें प्रतिदिन कथा , मूलपाठ एवं विविध आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ।
यह आयोजन पितरों की पुण्य स्मृति एवं लोककल्याण की भावना से नर सिंह श्याम एवं उनकी धर्मपत्नी कांता श्याम द्वारा कराया जा रहा है ।
आयोजन के कथा व्यवस्थापक गजानंद गर्ग एवं श्रीमती अप्सरा गर्ग हैं , जबकि आयोजन व्यवस्था में श्रीमती मालती श्याम , मधुरिमा धुर्वे एवं शेषनारायण महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं ।
सोमवार को कथा प्रारंभ होने से पूर्व श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली । कलश यात्रा निज निवास से प्रारंभ होकर ढोल-नगाड़ों , भक्ति संगीत और जयघोष के बीच मां नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंची । कथा श्रोता नर सिंह श्याम सिर पर श्रीमद्भागवत महापुराण धारण कर सभी पैदल यात्रा करते हुए नर्मदा मंदिर पहुंचे , जहां मंदिर के पुजारी पंडित उत्तम द्विवेदी ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न कराया । इसके पश्चात कलश पूजन , जल भराई एवं मंदिर परिसर की परिक्रमा की गई । मंदिर से कलश यात्रा निकलकर नगर भ्रमण करते हुए शोभा यात्रा पुनः आयोजन स्थल पहुंची , जहां विधिवत कलश स्थापना एवं श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन कर कथा का शुभारंभ किया गया ।
आयोजन में सुप्रसिद्ध कथा वाचक पूज्य श्री धीरजकृष्ण शास्त्री जी महाराज वृंदावन के सानिध्य में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा । कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म , भक्ति , सदाचार , संस्कार एवं मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश दिया जाएगा । कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान , भजन-कीर्तन एवं विशेष पूजन कार्यक्रम भी आयोजित होंगे ।
कथा वाचक पंडित धीरजकृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक मूलपाठ एवं दोपहर 2 से 5 बजे तक कथा का आयोजन किया जाएगा । वहीं 3 अक्टूबर शनिवार रात्रि 9 बजे पितृ विशेष हनुमान चालीसा पाठ एवं पूजन का भी विशेष आयोजन रखा गया है , जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या खूब रहने की संभावना है ।
नर सिंह श्याम ने कहा कि क्षेत्र के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने तथा पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है । पहले ही दिन श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता खूब रही ।
अमरकंटक की पावन धरा पर आरंभ हुआ यह ज्ञान यज्ञ कथा आगामी दिनों में भक्ति , श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना की अनवरत रसधारा प्रवाहित करेगा ।


































































