अमलाई, कदमटोला और पायरी क्रमांक-1 में शराब पैकरी का फैलता जाल, गांवों तक पहुंच रहा जमुना ठेका का नेटवर्क

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अमलाई, कदमटोला और पायरी क्रमांक-1 में शराब पैकरी का फैलता जाल, गांवों तक पहुंच रहा जमुना ठेका का नेटवर्क

रिपोर्टर : मित्तल महरा

जमुना/कोतमा/अनूपपुर। जिले के अमलाई क्षेत्र अंतर्गत कदमटोला एवं ग्राम पंचायत पायरी क्रमांक-1 इन दिनों अवैध शराब पैकरी को लेकर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। क्षेत्र के ग्रामीण लगातार आरोप लगा रहे हैं कि जमुना स्थित शराब ठेके से जुड़े लोगों द्वारा गांव-गांव में संगठित तरीके से शराब की सप्लाई और पैकरी करवाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी के कारण शराब का नेटवर्क लगातार गांवों तक फैलता जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार जमुना ठेके से जुड़े पवन सिंह एवं राधधीर सिंह द्वारा विद्या नामक व्यक्ति सहित कई बाहरी लोगों को गांवों में शराब पहुंचाने और बेचने की जिम्मेदारी दी गई है। आरोप है कि अमलाई, कदमटोला, पायरी क्रमांक-1 तथा आसपास के क्षेत्रों में खुलेआम शराब की पैकरी की जा रही है। शाम ढलते ही अलग-अलग स्थानों पर शराब आसानी से उपलब्ध होने लगती है और देर रात तक बिक्री जारी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले शराब लेने के लिए लोगों को ठेके तक जाना पड़ता था, लेकिन अब गांवों में ही शराब पहुंचाई जा रही है। इससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। कई परिवारों में घरेलू विवाद और आर्थिक परेशानियां बढ़ने लगी हैं। महिलाओं ने भी गांवों का सामाजिक माहौल खराब होने की शिकायत की है। उनका कहना है कि शराब बिक्री के कारण बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बन रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि शराब पैकरी का यह कारोबार चोरी-छिपे नहीं बल्कि खुलेआम संचालित हो रहा है। गांवों के कई स्थानों पर दिन और रात दोनों समय शराब बिक्री की बातें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही। यही कारण है कि ग्रामीणों में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर चल रहे नेटवर्क पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री के कारण क्षेत्र का सामाजिक संतुलन बिगड़ रहा है। युवा मजदूरी और रोजगार से दूर होकर नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। कई बुजुर्गों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में क्षेत्र में अपराध और असामाजिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध शराब कारोबार में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि गांवों में शराब बेचने वाले लोगों और उनके ठिकानों की जानकारी स्थानीय स्तर पर सभी को है, इसलिए प्रशासन चाहे तो कुछ ही दिनों में इस नेटवर्क पर रोक लगा सकता है।

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