- चाय के ठेले से शुरू किया सफर, आज चार व्यवसायों से कमा रहीं 18 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह
अनूपपुर 15 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पुष्पराजगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत शिवरीचंदास निवासी श्रीमती दमयंती सिंह ने अपनी मेहनत और समूह के सहयोग से परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव किया है। कभी कृषि मजदूरी पर निर्भर रहने वाला उनका परिवार आज विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से आजीविका अर्जित कर रहा है।
दमयंती सिंह 9 मार्च 2014 को सीता स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह के माध्यम से 30 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने अपने पति के लिए चाय का ठेला शुरू कराया। इसके बाद एक लाख रुपये का बैंक ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की। वर्ष 2023 में डेढ़ लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने मनिहारी, फोटोकॉपी सेंटर और फल विक्रय का व्यवसाय भी शुरू किया।
आज दमयंती सिंह की व्यक्तिगत मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये है। व्यवसाय से हुई आमदनी से उन्होंने तीन दुकानों का पक्का व्यावसायिक परिसर और छह कमरों का पक्का मकान बनवाया है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने से वे अपने बच्चों को निजी विद्यालय में शिक्षा दिला रही हैं और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं।
दमयंती सिंह ने बताया कि आजीविका मिशन से मिले सहयोग और स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ऋण की सुविधा ने उन्हें व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ाने का अवसर दिया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।







































































