- सगे भाई, चाचा और बुआ के नाम आवास स्वीकृत कराने का आरोप; मनरेगा में भी मजदूरों की हाजिरी और भुगतान में गड़बड़ी के आरोप, बृजभान सिंह ने सीएम हेल्पलाइन में की शिकायत
जमुना-कोतमा। जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत सकोला में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक रमेश विश्वकर्मा की भूमिका सवालों के घेरे में है। रोजगार सहायक पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए परिवार के सदस्यों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा मनरेगा में मजदूरों के नाम पर भुगतान में गड़बड़ी किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में ग्राम निवासी बृजभान सिंह ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
- भाई, चाचा और बुआ के नाम आवास स्वीकृत कराने का आरोप
शिकायतकर्ता बृजभान सिंह के अनुसार रोजगार सहायक रमेश विश्वकर्मा ने अपने सगे भाई सुरेश विश्वकर्मा पिता रामरतन विश्वकर्मा, चाचा रामकरण विश्वकर्मा पिता तुलाराम विश्वकर्मा तथा बुआ कलावती के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने में भूमिका निभाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चाचा रामकरण विश्वकर्मा के पास पहले से पक्का मकान होने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ दिया गया। वहीं कलावती के नाम पर आवास स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने तथा राशि जारी होने का मामला भी उठाया गया है।

- मनरेगा में मजदूरों के भुगतान को लेकर भी गंभीर शिकायत
शिकायतकर्ता ने रोजगार सहायक पर मनरेगा योजना में भी कथित गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि रोजगार गारंटी के कार्यों में ऐसे मजदूरों के नाम पर हाजिरी दर्ज कराई जाती थी, जिनसे बैंक से राशि निकलवाकर वापस ली जाती थी। आरोप के मुताबिक मजदूरों को बैंक आने-जाने के नाम पर लगभग 200 रुपये देकर शेष राशि अपने पास रख ली जाती थी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रोजगार सहायक अपने तथा अपने चाचा के घरेलू और कृषि संबंधी कार्यों में मजदूरों से काम कराते थे, जबकि मजदूरों की उपस्थिति मनरेगा के कार्यों में दर्ज कराकर भुगतान कराया जाता था। इन आरोपों की भी जांच की मांग की गई है।

- सैकड़ों बार शिकायत करने का दावा, कार्रवाई पर निगाहें
बृजभान सिंह का कहना है कि रोजगार सहायक रमेश विश्वकर्मा के विरुद्ध पूर्व में भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की पात्रता, स्वीकृति प्रक्रिया, जियो टैगिंग, बैंक खातों में जारी राशि और मनरेगा के मस्टर रोल एवं भुगतान की जांच कराने की मांग की है।
- जांच में सामने आएगी वास्तविकता
मामले में प्रशासन से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत सकोला में पिछले वर्षों के आवास एवं मनरेगा संबंधी अभिलेखों का स्वतंत्र अधिकारियों से सत्यापन कराया जाए। यदि जांच में अपात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने, सरकारी राशि के दुरुपयोग अथवा मजदूरों के भुगतान में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और गलत तरीके से निकाली गई राशि की वसूली की जाए।
फिलहाल मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। अब देखना होगा कि जनपद पंचायत अनूपपुर और जिला प्रशासन इस मामले में कब जांच शुरू करते हैं तथा जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।






































































